👌 *पिपरवा (बुद्ध जन्म स्थली) बुध्द अस्थी / धातु पात्र एवं प्राचिन रत्न भारत में १२७ सालों बाद विदेश से मिले वैश्विक तानाबाना प्रदर्शनी नयी दिल्ली में !*
पिपरवा, बुद्ध की जन्म स्थली से प्राप्त *"बुद्ध अस्थी धातु / धातु पात्र / प्राचीन रत्न"* का उत्खनन शोध होने के बाद, वह बहुमुल्य धरोहर अंग्रेज अपने देश ले गये. और वह बहुमुल्य धरोहर अंग्रेज *विलियम क्लैक्सटन पेप्पे* इनके पास सुरक्षित थी. और उसका लिलाव सोने की बहुत चर्चा भी चली. और उस लिलाव होने का बहुत विरोध भी हुआ. अंत में वह लिलाव रद्द होने के बाद, वह *"बहुमुल्य धरोहर १२७ सालों के बाद"*, कुछं बुध्द राष्ट्रों का प्रवास होते होते भारत आयी. वह धरोहर जनता के दर्शन हेतु उसका उदघाटन भारत कें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन्होने ३ जनवरी २०२६ को कर, वह बहुमुल्य धरोहर की प्रदर्शनी *"राय पिठोरौ कॉम्प्लेक्स, लाडो सराय, कुतुब गोल्फ कोर्स, नयी दिल्ली"* खुली है. सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष *डॉ मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* उन्होंने *अनिल नंदेश्वर* इनको लेकरं, आज उस बहुमुल्य धरोहर को देखा. बुद्ध अस्थी धातु को वंदन भी किया. वह प्रदर्शनी छ: माह तक होने की चर्चा है. आप भी उसका लाभ ले.
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