Thursday, 26 November 2020

 भारत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ ... !!!

डॉ। मिलिंद जिवने 'शाक्य'

राष्ट्रीय अध्यक्ष, नागरिक अधिकार संरक्षण सेल

राष्ट्रीय संरक्षक, सीआरपीसी महिला विंग

राष्ट्रीय संरक्षक, सीआरपीसी कर्मचारी विंग

राष्ट्रीय संरक्षक, सीआरपीसी महिला क्लब






Tuesday, 24 November 2020

Prof. Dr. Manish Wankhede posted as National Secretary of CRPC and National Vice President of Employees Wing.

 🤝  *प्रा. डॉ. मनिष वानखेडे इनकी सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल के "राष्ट्रीय सचिव"  तथा कर्मचारी विंग के "राष्ट्रीय उपाध्यक्ष" पद पर नियुक्ती...!* 


    सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल (C.R.P.C.) के - *"राष्ट्रीय सचिव"* पद पर *प्रा. डॉ. मनिष वानखेडे* (नागपुर) इनकी नियुक्ती, सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* इनके आदेश पर, सेल की राष्ट्रीय महासचिव *डॉ. किरण मेश्राम* इन्होने घोषित की है. डॉ वानखेडे जी ने १६५ आंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर के सेमीनार में सहभाग लिया है. उनकी दो किताबें प्रकाशित है. उनके मार्गदर्शन में १० संशोधकों ने Ph.D प्राप्त की है. और कुछ और संशोधक उस दिशा की ओर बढ रहे है. उन्होंने ९० रिसर्च पेपर सादर किये है. वे आंबेडकरी मुव्हमेंट में भी सक्रिय है. उनके नाम की शिफारस, सेल के विदर्भ उपाध्यक्ष *चरणदास नगराले* (संपादक) इन्होने की है. सदर नियुक्ती की सुचना, सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कर्मचारी विंग / महिला विंग / वुमन क्लब के पेट्रान *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* इन्हे दी गयी है.

     उपरोक्त नियुक्ती पर *"सी. आर. पी. सी. के राष्ट्रीय पदाधिकारी गण"* - प्रा. डॉ. फिरदोस श्राफ (फिल्म स्टार - राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), एन. पी. जाधव (माजी उपजिल्हाधिकारी - राष्ट्रीय सचिव), सुर्यभान शेंडे (राष्ट्रीय सचिव), विजय बौद्ध (संपादक - राष्ट्रिय सचिव), प्रा. वंदना जीवने (राष्ट्रीय संघटक), डॉ. किरण मेश्राम (राष्ट्रीय महासचिव), दिपाली शंभरकर (राष्ट्रीय सचिव), प्रा. डॉ. मनिष वानखेडे (राष्ट्रीय सचिव), अमित कुमार पासवान (राष्ट्रीय सहसचिव), अॅड. डॉ. मोहन गवई (राष्ट्रीय कानुनी सल्लागार), अॅड. हर्षवर्धन मेश्राम (राष्ट्रीय कानुनी सल्लागार), अॅड. संदिप ताटके (राष्ट्रीय कानुनी सल्लागार), *"सी.आर.पी.सी. राष्ट्रीय कर्मचारी विंग"* के प्रा. वंदना जीवने (राष्ट्रीय अध्यक्षा), सत्यजीत जानराव (राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष), प्रा. श्रीकांत सिरसाठे (राष्ट्रीय महासचिव), इंजी. डॉ. विवेक मवाडे (राष्ट्रीय संघटक), प्रा. डॉ. मनिष वानखेडे (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), प्रा. वर्षा चहांदे (राष्ट्रीय उपाध्यक्षा), प्रा. डॉ. नीता मेश्राम (राष्ट्रीय सचिव), प्रा. नितिन तागडे (राष्ट्रीय सचिव), शंकरराव ढेंगरे (राष्ट्रीय सल्लागार), निवॄत्ती रोकडे (राष्ट्रीय सल्लागार), डॉ. किरण मेश्राम (राष्ट्रीय सल्लागार), अॅड. दयानंद माने (राष्ट्रीय कानुनी सलाहकार) तथा *"सी.आर.पी.सी. राष्ट्रीय महिला विंग"* की प्रा. वंदना जीवने (राष्ट्रीय अध्यक्ष), डॉ. किरण मेश्राम (राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष), दिपाली शंभरकर (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), डॉ. मनिषा घोष (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), ममता वरठे (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), रेणू किशोर (झारखंड - राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), प्रा. डॉ. प्रिती नाईक (राष्ट्रीय महासचिव - मध्य प्रदेश), इंजी. माधवी जांभुलकर (राष्ट्रीय सचिव), मीना उके (राष्ट्रीय सचिव), प्रा. वर्षा चहांदे (राष्ट्रीय सचिव), नंदा रामटेके (छत्तीसगड - राष्ट्रीय सचिव), प्रा. डॉ. नीता मेश्राम (राष्ट्रीय सहसचिव), प्रा. डॉ. ममता मेश्राम (राष्ट्रीय सहसचिव), प्रा. डॉ. सविता कांबळे (राष्ट्रीय सहसचिव), डॉ. साधना गेडाम (राष्ट्रीय सहसचिव) इन्होने अभिनंदन किया है. *"सी.आर.पी.सी. वुमन क्लब"* के राष्ट्रीय पदाधिकारी प्रा. वंदना जीवने (राष्ट्रीय अध्यक्ष), डॉ. किरण मेश्राम (राष्ट्रीय कार्याध्यक्षा), डॉ. मनिषा घोष (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष), ममता वरठे (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), प्रा. वर्षा चहांदे (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), दीपाली शंभरकर (राष्ट्रीय महासचिव), प्रा. डॉ. नीता मेश्राम (राष्ट्रीय सचिव), कल्याणी इंदोरकर (राष्ट्रीय सचिव), अमिता फुलकर (राष्ट्रीय सहसचिव) इसके साथ ही *"सी. आर. पी. सी. के प्रदेश पदाधिकारी"* - डॉ. मनिषा घोष (अध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य), महेंद्र मानके (प्रोजेक्ट इन चार्ज), इंजी. डॉ. विवेक मवाडे (कार्याध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य), मिलिन्द बडोले (अध्यक्ष, गुजरात प्रदेश), नमो चकमा (अध्यक्ष, अरुणाचल प्रदेश), सुब्रमण्या महेश (अध्यक्ष, कर्नाटक प्रदेश), दिपक कुमार (अध्यक्ष, बिहार राज्य), पुष्पेंद्र मीना (अध्यक्ष, राजस्थान राज्य), रेणु किशोर (अध्यक्ष, झारखंड प्रदेश), लाल सिंग आनंद (अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश), अमित कुमार पासवान (कार्याध्यक्ष, बिहार), सत्यजीत जानराव (महासचिव, महाराष्ट्र राज्य),  रोहिताश मीना (राजस्थान), मीना उके (उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य), मिलिन्द धनवीज (प्रदेश उपाध्यक्ष), प्रा. वर्षा चहांदे (प्रदेश उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र), विलास मस्के (प्रदेश संघटक, महाराष्ट्र), सुनिल चव्हान (प्रदेश उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र), प्रा. गौतमादित्य (अध्यक्ष, मराठवाडा विभाग), प्रा. राज अटकोरे (महासचिव, मराठवाडा विभाग), अॅड. रविंदरसिंग धोत्रा (गुजरात), संजय टिकार (मध्य प्रदेश), आंचल श्रीवास्तव (गुजरात), मंटुरादेवी मीना (राजस्थान),चंद्रिका बहन सोलंकी (गुजरात), मुसाफिर (बिहार), प्रा. नितिन तागडे (प्रदेश उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र), अधिर बागडे (कार्याध्यक्ष, विदर्भ विभाग), ममता वरठे (अध्यक्ष, विदर्भ विभाग), अविनाश गायकवाड (अध्यक्ष, उत्तर महाराष्ट्र), मिलिंद गाडेकर (महासचिव, विदर्भ विभाग), चरणदास नगराले ( उपाध्यक्ष, विदर्भ), अशोक निमसरकार (उपाध्यक्ष, विदर्भ विभाग), गणेश बोडखे (उपाध्यक्ष, विदर्भ विभाग), निवॄत्ती रोकडे (अध्यक्ष, पश्चिम महाराष्ट्र), अॅड. दयानंद माने (कार्याध्यक्ष, पश्चिम महाराष्ट्र),  अॅड. हौसेराव धुमाल (समन्वयक, पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. डॉ. शशिकांत गायकवाड (पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. डॉ. गोरख बनसोडे (पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. डॉ. सुनिल गायकवाड (पश्चिम महाराष्ट्र), महादेव कांबळे - उपसंपादक (पश्चिम महाराष्ट्र), अंगद गायकवाड (पश्चिम महाराष्ट्र), सोमनाथ शिंदे (पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. अर्जुन कांबले (पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. बोधी प्रकाश (पश्चिम महाराष्ट्र), अॅड. डी. एच. माने (पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. सागर कांबले (पश्चिम महाराष्ट्र), सुर्यकांत गायकवाड (पश्चिम महाराष्ट्र), सुनिल कांबले (पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. विवेक गजशिवे (पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. श्रीकांत सिरसाठे (अध्यक्ष, कोंकण विभाग), प्रा. अंकुश सोहनी (कार्याध्यक्ष, कोकण विभाग), श्रीकांत जंवजाळ (महासचिव, कोकण विभाग), डॉ. लक्ष्मण सुरवसे (कोंकण विभाग), डॉ. शिवसजन कान्हेकर (कोंकण विभाग), प्रा. कानिफ भोसले (कोंकण विभाग), प्रा. विलास खरात (कोंकण विभाग), डॉ. शिवराज गोपाळे (कोंकण विभाग), डॉ. निलेश वानखेडे (कोंकण विभाग), विलास गायकवाड (कोंकण विभाग), पत्रकार शरद मोरे (कोंकण विभाग), हर्षवर्धन (छपरा, बिहार) आदी पदाधिकारी वर्ग ने भी अभिनंदन किया है.

     इसके साथ ही *"सी. आर. पी. सी. के विभिन्न शाखा पदाधिकारी"* - एल. के. धवन (अध्यक्ष, मुंबई शहर), मुकेश शेंडे (अध्यक्ष, चंद्रपूर शहर), गौतमादित्य (अध्यक्ष, औरंगाबाद जिला), प्रा. दशरथ रोडे (अध्यक्ष, बीड जिला), भारत थोरात (कार्याध्यक्ष, औरंगाबाद जिला), मिलिन्द धनवीज (अध्यक्ष, यवतमाल जिला), प्रा. योगेंद्र नगराले (अध्यक्ष, गोंदिया जिला), इंजी. स्वप्नील सातवेकर (अध्यक्ष, कोल्हापूर जिला), संजय बघेले (अध्यक्ष, गोंदिया शहर), डॉ. देवानंद उबाले (अध्यक्ष, जलगाव जिला), बापुसाहेब सोनवणे (अध्यक्ष, नासिक जिला), अंगद गायकवाड (अध्यक्ष, सोलापुर जिला), राजेश परमार (गुजरात), कमलकुमार चव्हाण (गुजरात), हरिदास जीवने (अध्यक्ष, पुसद जिला), प्रा. मिलिंद आठवले (अध्यक्ष, औरंगाबाद शहर), अॅड. रमेश विवेकी (अध्यक्ष, लातुर जिला), शांताराम इंगळे (अध्यक्ष, बुलढाणा जिल्हा), गौतम जाधव (कार्याध्यक्ष, मुंबई शहर), प्रवीण दाभाडे (महासचिव, मुंबई शहर), सुरेश वाघमारे (अध्यक्ष, उत्तर मुंबई), किशोर शेजुल (अध्यक्ष, जालना), मनिष खर्चे (अध्यक्ष, अकोला), संदिप गायकवाड (महासचिव, जालना), सिध्दार्थ सालवे, प्रशांत वानखेडे, विनोद भाई वनकर (गुजरात), धर्मेंद्र गणवीर, सुधिर जावले, हॄदय गोडबोले (अध्यक्ष, भंडारा जिला), महेंद्र मछिडा (गुजरात), प्रियदर्शी सुभुती (गुजरात), राजेश गोरले (समन्वयक, विदर्भ) *महिला विंग*  की - डॉ. भारती लांजेवार (अध्यक्ष, महाराष्ट्र प्रदेश), अर्चना रामटेके (कार्याध्यक्ष, महाराष्ट्र), गायिका - ज्योती चौहान - मुंबई (उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य), डॉ. सारिका कांबले (जानराव) - (अध्यक्ष, गुजरात प्रदेश), सुरेखा खंडारे (कार्याध्यक्ष, विदर्भ), अॅड. श्रृती संकपाल (अध्यक्ष, पश्चिम महाराष्ट्र), वैशाली जानराव - (कार्याध्यक्ष, पश्चिम महाराष्ट्र), डॉ. सुवर्णा घिमघिमे (महासचिव, पश्र्चिम महाराष्ट्र), संजीवनी आटे (अध्यक्ष, विदर्भ), रंजना गांगुर्डे (अध्यक्ष, उत्तर महाराष्ट्र), ममता गाडेकर (नागपुर जिला अध्यक्ष), दिशा चनकापुरे (महाराष्ट्र उपाध्यक्ष), रिता बागडे, मंगला वनदूधे (विदर्भ समन्वयक), लीना तुमडाम (सचिव, विदर्भ), प्रिती खोब्रागडे (संघटक, महाराष्ट्र), हिना लांजेवार, वीणा पराते (नागपुर जिला कार्याध्यक्ष), अपर्णा गाडेकर(नागपुर जिला उपाध्यक्ष), वीणा वासनिक (संघटक, महाराष्ट्र), अॅड. निलिमा लाडे आंबेडकर (उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र), कल्याणी इंदोरकर (प्रदेश उपाध्यक्ष), वैशाली रामटेके (प्रदेश सचिव), शोभा मेश्राम (प्रदेश सचिव), इंदु मेश्राम (सचिव, विदर्भ विभाग), संध्या रंगारी (नागपुर जिला उपाध्यक्ष), शीला घागरगुंडे(नागपुर जिला उपाध्यक्ष), साधना सोनारे (महासचिव, विदर्भ), लक्ष्मी वाघमारे (पश्चिम महाराष्ट्र), वंदना चंदनशिवे (पश्चिम महाराष्ट्र), शैलजा क्षिरसागर (पश्चिम महाराष्ट्र), कविता कापुरे (पश्चिम महाराष्ट्र), रजनी साळवे (पश्चिम महाराष्ट्र), भाग्यश्री शिंदे (पश्चिम महाराष्ट्र), सुप्रिया माने (पश्चिम महाराष्ट्र), अनिता मेश्राम (उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र), अमिता फुलकर (उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र), मिनाक्षी शहारे (सचिव, महाराष्ट्र), निलिमा भैसारे (महासचिव, महाराष्ट्र), आशा तुमडाम (विदर्भ उपाध्यक्ष), कल्पना गोवर्धन, राया गजभिये, वैशाली राऊत, ममता कुंभलवार, प्रिया वनकर, भारती खोब्रागडे, अल्का कोचे (उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र), छाया खोब्रागडे (विदर्भ विभाग उपाध्यक्ष), सीमा मेश्राम, सरिता बोरकर, सुजाता सोमकुवर (खापा), संध्या सोमकुवर (वाडी), प्रतिमा गोडबोले (रामटेक), पुष्पा कांबळे (अध्यक्षा, काटोल सर्कल), संगिता नानोटकर (कोराडी), स्मिता जिभे (रामटेक), प्रियंका टोंगसे (रामटेक), सुहासिनी शनिचरे (रामटेक) आदी महिला पदाधिकारी तथा *नागपुर शाखा* के पदाधिकारी नरेश डोंगरे (अध्यक्ष, नागपूर जिला), डॉ. राजेश नंदेश्वर (महासचिव, नागपूर शहर), मनिष खंडारे, रेवाराम वासनिक, प्रकाश बागडे, चंद्रशेखर दुपारे, राजु मेश्राम (कार्याध्यक्ष, नागपुर जिला), उत्तम घागरगुंडे, सुरेश रंगारी, सुनिल कुरील, सुहास चंद्रशेखर, निरज पाटील (कार्याध्यक्ष, काटोल सर्कल), उत्तम कांबळे (महासचिव, काटोल सर्कल) आदीयों ने सदर नियुक्ती पर, उनका अभिनंदन किया है.




Sunday, 1 November 2020

Adv. Dr. Mohan Gawai / Adv. Harshawardhan Meshram / Adv. Sandip Tatke posted "National Legal Advisor" of Civil Rights Protection Cell

 🤝  *अॅड. डॉ. मोहन गवई / अॅड. हर्षवर्धन मेश्राम / अॅड. संदिप ताटके इनकी सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल के "राष्ट्रीय कानुनी सल्लागार" पद पर नियुक्ती...!* 


    सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल (C.R.P.C.) - *"राष्ट्रीय कानुनी सल्लागार"* पद पर *अॅड. डॉ. मोहन गवई / अॅड. हर्षवर्धन मेश्राम / अॅड. संदिप ताटके* (नागपुर) इनकी नियुक्ती, सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* इनके आदेश पर, सेल की राष्ट्रीय महासचिव *डॉ. किरण मेश्राम* इन्होने, सेल की राष्ट्रीय संघटक *प्रा. वंदना जीवने* इनसे विचार विमर्श करने के बाद घोषित की है. उपरोक्त मान्यवर ये CRPC Women Wing / CRPC Employees Wing / CRPC Women Club के भी, कानुनी सल्लागार रहेंगे. उपरोक्त मान्यवर, ये उच्च न्यायालय में सेवाएं देते है. साथ ही आंबेडकरी मुव्हमेंट में भी सक्रिय है. सदर नियुक्ती की सुचना, सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कर्मचारी विंग / महिला विंग / वुमन क्लब के पेट्रान *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* इन्हे दी गयी है.

     उपरोक्त नियुक्ती पर *"सी. आर. पी. सी. के राष्ट्रीय पदाधिकारी गण"* - प्रा. डॉ. फिरदोस श्राफ (फिल्म स्टार - राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), एन. पी. जाधव (माजी उपजिल्हाधिकारी - राष्ट्रीय सचिव), सुर्यभान शेंडे (राष्ट्रीय सचिव), विजय बौद्ध (संपादक - राष्ट्रिय सचिव), प्रा. वंदना जीवने (राष्ट्रीय संघटक), डॉ. किरण मेश्राम (राष्ट्रीय महासचिव), दिपाली शंभरकर (राष्ट्रीय सचिव), अमित कुमार पासवान (राष्ट्रीय सहसचिव), अॅड. डॉ. मोहन गवई (राष्ट्रीय कानुनी सल्लागार), अॅड. हर्षवर्धन मेश्राम (राष्ट्रीय कानुनी सल्लागार), अॅड. संदिप ताटके (राष्ट्रीय कानुनी सल्लागार), *"सी.आर.पी.सी. राष्ट्रीय कर्मचारी विंग"* के प्रा. वंदना जीवने (राष्ट्रीय अध्यक्षा), सत्यजीत जानराव (राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष), प्रा. श्रीकांत सिरसाठे (राष्ट्रीय महासचिव), इंजी. डॉ. विवेक मवाडे (राष्ट्रीय संघटक), प्रा. वर्षा चहांदे (राष्ट्रीय उपाध्यक्षा), प्रा. डॉ. नीता मेश्राम (राष्ट्रीय सचिव), प्रा. नितिन तागडे (राष्ट्रीय सचिव), शंकरराव ढेंगरे (राष्ट्रीय सल्लागार), निवॄत्ती रोकडे (राष्ट्रीय सल्लागार), डॉ. किरण मेश्राम (राष्ट्रीय सल्लागार), अॅड. दयानंद माने (राष्ट्रीय कानुनी सलाहकार) तथा *"सी.आर.पी.सी. राष्ट्रीय महिला विंग"* की प्रा. वंदना जीवने (राष्ट्रीय अध्यक्ष), डॉ. किरण मेश्राम (राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष), दिपाली शंभरकर (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), डॉ. मनिषा घोष (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), ममता वरठे (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), रेणू किशोर (झारखंड - राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), प्रा. डॉ. प्रिती नाईक (राष्ट्रीय महासचिव - मध्य प्रदेश), इंजी. माधवी जांभुलकर (राष्ट्रीय सचिव), मीना उके (राष्ट्रीय सचिव), प्रा. वर्षा चहांदे (राष्ट्रीय सचिव), नंदा रामटेके (छत्तीसगड - राष्ट्रीय सचिव), प्रा. डॉ. नीता मेश्राम (राष्ट्रीय सहसचिव), प्रा. डॉ. ममता मेश्राम (राष्ट्रीय सहसचिव), प्रा. डॉ. सविता कांबळे (राष्ट्रीय सहसचिव), डॉ. साधना गेडाम (राष्ट्रीय सहसचिव) इन्होने अभिनंदन किया है. *"सी.आर.पी.सी. वुमन क्लब"* के राष्ट्रीय पदाधिकारी प्रा. वंदना जीवने (राष्ट्रीय अध्यक्ष), डॉ. किरण मेश्राम (राष्ट्रीय कार्याध्यक्षा), डॉ. मनिषा घोष (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष), ममता वरठे (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), प्रा. वर्षा चहांदे (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), दीपाली शंभरकर (राष्ट्रीय महासचिव), प्रा. डॉ. नीता मेश्राम (राष्ट्रीय सचिव), कल्याणी इंदोरकर (राष्ट्रीय सचिव), अमिता फुलकर (राष्ट्रीय सहसचिव) इसके साथ ही *"सी. आर. पी. सी. के प्रदेश पदाधिकारी"* - डॉ. मनिषा घोष (अध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य), महेंद्र मानके (प्रोजेक्ट इन चार्ज), इंजी. डॉ. विवेक मवाडे (कार्याध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य), मिलिन्द बडोले (अध्यक्ष, गुजरात प्रदेश), नमो चकमा (अध्यक्ष, अरुणाचल प्रदेश), सुब्रमण्या महेश (अध्यक्ष, कर्नाटक प्रदेश), दिपक कुमार (अध्यक्ष, बिहार राज्य), पुष्पेंद्र मीना (अध्यक्ष, राजस्थान राज्य), रेणु किशोर (अध्यक्ष, झारखंड प्रदेश), लाल सिंग आनंद (अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश), अमित कुमार पासवान (कार्याध्यक्ष, बिहार), सत्यजीत जानराव (महासचिव, महाराष्ट्र राज्य),  रोहिताश मीना (राजस्थान), मीना उके (उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य), मिलिन्द धनवीज (प्रदेश उपाध्यक्ष), प्रा. वर्षा चहांदे (प्रदेश उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र), विलास मस्के (प्रदेश संघटक, महाराष्ट्र), सुनिल चव्हान (प्रदेश उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र), प्रा. गौतमादित्य (अध्यक्ष, मराठवाडा विभाग), प्रा. राज अटकोरे (महासचिव, मराठवाडा विभाग), अॅड. रविंदरसिंग धोत्रा (गुजरात), संजय टिकार (मध्य प्रदेश), आंचल श्रीवास्तव (गुजरात), मंटुरादेवी मीना (राजस्थान),चंद्रिका बहन सोलंकी (गुजरात), मुसाफिर (बिहार), प्रा. नितिन तागडे (प्रदेश उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र), अधिर बागडे (कार्याध्यक्ष, विदर्भ विभाग), ममता वरठे (अध्यक्ष, विदर्भ विभाग), अविनाश गायकवाड (अध्यक्ष, उत्तर महाराष्ट्र), मिलिंद गाडेकर (महासचिव, विदर्भ विभाग), चरणदास नगराले ( उपाध्यक्ष, विदर्भ), अशोक निमसरकार (उपाध्यक्ष, विदर्भ विभाग), गणेश बोडखे (उपाध्यक्ष, विदर्भ विभाग), निवॄत्ती रोकडे (अध्यक्ष, पश्चिम महाराष्ट्र), अॅड. दयानंद माने (कार्याध्यक्ष, पश्चिम महाराष्ट्र),  अॅड. हौसेराव धुमाल (समन्वयक, पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. डॉ. शशिकांत गायकवाड (पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. डॉ. गोरख बनसोडे (पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. डॉ. सुनिल गायकवाड (पश्चिम महाराष्ट्र), महादेव कांबळे - उपसंपादक (पश्चिम महाराष्ट्र), अंगद गायकवाड (पश्चिम महाराष्ट्र), सोमनाथ शिंदे (पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. अर्जुन कांबले (पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. बोधी प्रकाश (पश्चिम महाराष्ट्र), अॅड. डी. एच. माने (पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. सागर कांबले (पश्चिम महाराष्ट्र), सुर्यकांत गायकवाड (पश्चिम महाराष्ट्र), सुनिल कांबले (पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. विवेक गजशिवे (पश्चिम महाराष्ट्र), प्रा. श्रीकांत सिरसाठे (अध्यक्ष, कोंकण विभाग), प्रा. अंकुश सोहनी (कार्याध्यक्ष, कोकण विभाग), श्रीकांत जंवजाळ (महासचिव, कोकण विभाग), डॉ. लक्ष्मण सुरवसे (कोंकण विभाग), डॉ. शिवसजन कान्हेकर (कोंकण विभाग), प्रा. कानिफ भोसले (कोंकण विभाग), प्रा. विलास खरात (कोंकण विभाग), डॉ. शिवराज गोपाळे (कोंकण विभाग), डॉ. निलेश वानखेडे (कोंकण विभाग), विलास गायकवाड (कोंकण विभाग), पत्रकार शरद मोरे (कोंकण विभाग), हर्षवर्धन (छपरा, बिहार) आदी पदाधिकारी वर्ग ने भी अभिनंदन किया है.

     इसके साथ ही *"सी. आर. पी. सी. के विभिन्न शाखा पदाधिकारी"* - एल. के. धवन (अध्यक्ष, मुंबई शहर), मुकेश शेंडे (अध्यक्ष, चंद्रपूर शहर), गौतमादित्य (अध्यक्ष, औरंगाबाद जिला), प्रा. दशरथ रोडे (अध्यक्ष, बीड जिला), भारत थोरात (कार्याध्यक्ष, औरंगाबाद जिला), मिलिन्द धनवीज (अध्यक्ष, यवतमाल जिला), प्रा. योगेंद्र नगराले (अध्यक्ष, गोंदिया जिला), इंजी. स्वप्नील सातवेकर (अध्यक्ष, कोल्हापूर जिला), संजय बघेले (अध्यक्ष, गोंदिया शहर), डॉ. देवानंद उबाले (अध्यक्ष, जलगाव जिला), बापुसाहेब सोनवणे (अध्यक्ष, नासिक जिला), अंगद गायकवाड (अध्यक्ष, सोलापुर जिला), राजेश परमार (गुजरात), कमलकुमार चव्हाण (गुजरात), हरिदास जीवने (अध्यक्ष, पुसद जिला), प्रा. मिलिंद आठवले (अध्यक्ष, औरंगाबाद शहर), अॅड. रमेश विवेकी (अध्यक्ष, लातुर जिला), शांताराम इंगळे (अध्यक्ष, बुलढाणा जिल्हा), गौतम जाधव (कार्याध्यक्ष, मुंबई शहर), प्रवीण दाभाडे (महासचिव, मुंबई शहर), सुरेश वाघमारे (अध्यक्ष, उत्तर मुंबई), किशोर शेजुल (अध्यक्ष, जालना), मनिष खर्चे (अध्यक्ष, अकोला), संदिप गायकवाड (महासचिव, जालना), सिध्दार्थ सालवे, प्रशांत वानखेडे, विनोद भाई वनकर (गुजरात), धर्मेंद्र गणवीर, सुधिर जावले, हॄदय गोडबोले (अध्यक्ष, भंडारा जिला), महेंद्र मछिडा (गुजरात), प्रियदर्शी सुभुती (गुजरात), राजेश गोरले (समन्वयक, विदर्भ) *महिला विंग*  की - डॉ. भारती लांजेवार (अध्यक्ष, महाराष्ट्र प्रदेश), अर्चना रामटेके (कार्याध्यक्ष, महाराष्ट्र), गायिका - ज्योती चौहान - मुंबई (उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य), डॉ. सारिका कांबले (जानराव) - (अध्यक्ष, गुजरात प्रदेश), सुरेखा खंडारे (कार्याध्यक्ष, विदर्भ), अॅड. श्रृती संकपाल (अध्यक्ष, पश्चिम महाराष्ट्र), वैशाली जानराव - (कार्याध्यक्ष, पश्चिम महाराष्ट्र), डॉ. सुवर्णा घिमघिमे (महासचिव, पश्र्चिम महाराष्ट्र), संजीवनी आटे (अध्यक्ष, विदर्भ), रंजना गांगुर्डे (अध्यक्ष, उत्तर महाराष्ट्र), ममता गाडेकर (नागपुर जिला अध्यक्ष), दिशा चनकापुरे (महाराष्ट्र उपाध्यक्ष), रिता बागडे, मंगला वनदूधे (विदर्भ समन्वयक), लीना तुमडाम (सचिव, विदर्भ), प्रिती खोब्रागडे (संघटक, महाराष्ट्र), हिना लांजेवार, वीणा पराते (नागपुर जिला कार्याध्यक्ष), अपर्णा गाडेकर(नागपुर जिला उपाध्यक्ष), वीणा वासनिक (संघटक, महाराष्ट्र), अॅड. निलिमा लाडे आंबेडकर (उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र), कल्याणी इंदोरकर (प्रदेश उपाध्यक्ष), वैशाली रामटेके (प्रदेश सचिव), शोभा मेश्राम (प्रदेश सचिव), इंदु मेश्राम (सचिव, विदर्भ विभाग), संध्या रंगारी (नागपुर जिला उपाध्यक्ष), शीला घागरगुंडे(नागपुर जिला उपाध्यक्ष), साधना सोनारे (महासचिव, विदर्भ), लक्ष्मी वाघमारे (पश्चिम महाराष्ट्र), वंदना चंदनशिवे (पश्चिम महाराष्ट्र), शैलजा क्षिरसागर (पश्चिम महाराष्ट्र), कविता कापुरे (पश्चिम महाराष्ट्र), रजनी साळवे (पश्चिम महाराष्ट्र), भाग्यश्री शिंदे (पश्चिम महाराष्ट्र), सुप्रिया माने (पश्चिम महाराष्ट्र), अनिता मेश्राम (उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र), अमिता फुलकर (उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र), मिनाक्षी शहारे (सचिव, महाराष्ट्र), निलिमा भैसारे (महासचिव, महाराष्ट्र), आशा तुमडाम (विदर्भ उपाध्यक्ष), कल्पना गोवर्धन, राया गजभिये, वैशाली राऊत, ममता कुंभलवार, प्रिया वनकर, भारती खोब्रागडे, अल्का कोचे (उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र), छाया खोब्रागडे (विदर्भ विभाग उपाध्यक्ष), सीमा मेश्राम, सरिता बोरकर, सुजाता सोमकुवर (खापा), संध्या सोमकुवर (वाडी), प्रतिमा गोडबोले (रामटेक), पुष्पा कांबळे (अध्यक्षा, काटोल सर्कल), संगिता नानोटकर (कोराडी), स्मिता जिभे (रामटेक), प्रियंका टोंगसे (रामटेक), सुहासिनी शनिचरे (रामटेक) आदी महिला पदाधिकारी तथा *नागपुर शाखा* के पदाधिकारी नरेश डोंगरे (अध्यक्ष, नागपूर जिला), डॉ. राजेश नंदेश्वर (महासचिव, नागपूर शहर), मनिष खंडारे, रेवाराम वासनिक, प्रकाश बागडे, चंद्रशेखर दुपारे, राजु मेश्राम (कार्याध्यक्ष, नागपुर जिला), उत्तम घागरगुंडे, सुरेश रंगारी, सुनिल कुरील, सुहास चंद्रशेखर, निरज पाटील (कार्याध्यक्ष, काटोल सर्कल), उत्तम कांबळे (महासचिव, काटोल सर्कल) आदीयों ने सदर नियुक्ती पर, उनका अभिनंदन किया है.






Monday, 26 October 2020

 🤝 *समस्त मागास वर्ग समुह की "स्वतंत्र मागास वर्ग आरक्षण कानुन" - Backward Class Reservation Act यह मांग हो...!!!*

( सदर कानुन के अंतर्गत अनुसूचित जाती /जमाती / भटक्या जमाती/ओ.बी.सी वर्ग आदी समस्त वर्ग का समावेश हो...!)

* *सदर कानुन यह समस्त मागास वर्ग समुहों के लिये, Legislation / Executive / Judiciary / Every Sector आदी क्षेत्र के, दरवाजे खोलने कारगर सिध्द होगा...!*

     *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य',* नागपुर १७

राष्ट्रीय अध्यक्ष, सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल

मो.न. ९३७०९८४१३८, ९८९०५८६८२२


      भारत में अनुसूचित जाती / जनजाती / विमुक्त जमाती / ओ.बी. सी. इन वर्ग समुह की, समस्त संख्या को जोड दिया जाए तो, वह *"बहुसंख्यक समुह"* बन जाता है. और साथ में ही, *"मायनोरीटी समुदाय"* (बौध्द / मुस्लिम / सिख / जैन / ईसाई) की भी, अपने साथ ही मैत्रीपुर्ण दोस्ती करनी होगी. *वही सवर्ण और उच्च जाती वर्ग का प्रतिशत, यह ५% तक सिमित दिखाई देता है...!* अर्थात वह उच्च वर्ग समुह, ये *"अल्पसंख्यांक समुह"* है. फिर भी वो अल्पसंख्याक समुह, ये बहुसंख्यांक समुह पर अधिपत्य जमाये बैठा है. *"यह बहुसंख्यांक समुह की अज्ञानता है या, मुर्खता है, वो समुह एकसंघ नहीं हो पा रहा है...! और देववाद / धर्मांधवाद के बिच, वह बहुसंख्यांक समाज उच- निच के भेदाभेद में, गहरा फंसता चला गया...!"* ये देववाद / धर्मांधवाद और कुछ नहीं है.‌ केवल और केवल *"मानसिक बिमारी"* से, वह ग्रसित भाव है.‌ जहां से हमे, अब बाहर निकलना होगा.‌..!!! आज भारत को प्रजासत्ताक होने में, ७० साल का कालखंड गुजर चुका है.‌ *"फिर भी Legislation / Executive / Judiciary / Every Sector में, उनका ही बोलबाला दिखाई देता है. हमारा नहीं...!"* यह हाल हम, और अब कब तक झेले...? चलो उठो भाईयों, हम सभी बहुसंख्यांक समुह कों, अपने अधिकारों के लिये, नये *"स्वतंत्र मागास वर्ग आरक्षण कानुन"* - Backward Class Reservation Act की हमें मांग करनी है. वह कानुन कैसे हो, इस पर हम अब चर्चा करेंगे...!

* Reservation in Education

* Reservation in Service

* Reservation in Promotion

* Reservation in Isolated Post

* Reservation in Private Sector

* Reservation in Judiciary / Defence / Confidential Dept.

* Reservation in Budget

     इस के साथ ही हमें, *"भांडवलशाही व्यवस्था"* को ध्वस्त करना है. बडे उद्दोग / बडे कार्पोरेशन - कंपनी / खेती का, *"राष्ट्रियकरण* करना होगा...! और वह "प्रस्तावित कानुन" यह, मागास वर्ग के *"जातीगत प्रतिशत"* जन संख्या पर, आधारित होना चाहिए.‌ जिस वर्ग की जितनी जन संख्या, आरक्षण भी उसी आधार पर हो. इस लिये, *"जातीगत जनगणना"* (अनुसूचित जाती / जनजाती / ओबीसी) यह हमारी मांग हो...! उस प्रस्तावित कानुन में, *"दंड विधान"* का भी प्रावधान हो. ता कि, दोषी अधिकारी को, दंडित किया जा सके....! हमारी अगली राजनीति यह, *"जातिगत आधार"* पर करनी होगी. *"कांग्रेस / भाजपा"* समान राजकीय दलों को, पुर्णत:  तिलांजली देनी होगी. जैसे कि, रिपब्लिकन पार्टी / बहुजन समाज पार्टी यह, आंबेडकरी / बौध्द विचारों के दल है. उसी तरह महात्मा ज्योतीबा फुले / छत्रपती शिवाजी महाराज / छत्रपती शाहू महाराज / पंजाबराव देशमुख इन महापुरुषों के विचारों पर, हम सभी को इकठ्ठा आना है. *"गोलवलकर - गांधी"* - अर्थात *"गोगावाद"* विचारों को, हमें राजनीती से खदेडना है...! चलों, हम संकल्प करें...! नया भारत - विकास भारत - सशक्त भारत बनाने का...!!! इस लिये हमें, नया *"मागास आरक्षण कानुन"*  बनाना है. उस के बाद हमें - *"जातीविहिन भारत"* की ओर जाना है...!





Sunday, 25 October 2020

Dhamma Chakra Pravartan Day 2020 celebration at Deeksha Bhoomi Nagpur by Civil Rights Protection Cell

 ✍️ *दीक्षाभूमी में सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल द्वारा "धम्म चक्र प्रवर्तन दिन" के पावन अवसर पर, सामुदायिक बुद्ध वंदना ली...!*

(दीक्षाभुमी प्रशासन / सरकारी प्रशासन द्वारा पोलिसी झुंडशाही / दादागिरी. दीक्षाभूमी से २ कि.मी. से ही, लोगों को रोका गया. कार / जीप एवं टु व्हिलर को भी आने की मनाई. *"फिर भी पैदल - पैदल लोगों का सैलाब"* दिक्षाभुमी पर पहुंचा...! *"दीक्षाभूमी समिती / मंत्री नितीन राऊत / सरकारी प्रशासन - अब तो कुछ शरम करो. चुल्लु भर पाणी में, तुम डुब मरो...!"*  जनता ने, तुम्हारी औकात दिखाई...! वही *समता सैनिक दल* द्वारा, लोगों को भगाने का प्रयास - जो निंदनीय रहा...!!!)

          * *डॉ मिलिन्द जीवने 'शाक्य',* नागपुर

राष्ट्रीय अध्यक्ष, सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल

मो.न. ९३७९९८४१३८, ९८९०५८६८२२


   *"धम्म चक्र प्रवर्तन दिन"* के पावन अवसर पर, *"प. पु.‌ डॉ बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिती"* द्वारा तथा पालकमंत्री *डॉ. नितिन राऊत* तथा सरकारी प्रशासन द्वारा - कोरोना संक्रमण के नाम पर, जो बिन-अकलगिरी की गयी / ना-लायकगिरी की गयी. और २४ / २५ / २६ अक्तुबर २०२० को, बौध्द समुदाय को, दीक्षाभूमी जाने को रोकने का प्रयास, यह निंदनीय है...! शर्मसार भी है...! वही आप लोगों की, दीक्षाभूमी *"ना आने की अपिल"* को, जनता ने ठुकरा दिया...!  *"हजारो की संख्या में, जन सैलाब दिक्षाभुमी पर, पैदल पैदल आते हुये, स्मारक समिती प्रशासन हो या, सरकारी प्रशासन हो या, पालकमंत्री डॉ. नितिन राऊत हो, उन्हे उनकी औकात दिखा दी."* प्रशासन द्वारा दीक्षाभूमी से *दो कि.मी‌.* दुरी से ही, कार / टु व्हिलर को अंदर आने को रोका गया.‌ अगर दीक्षाभूमी पर कोई समारोह होता तो, वह बात समझ में आ सकती थी. 

        *"परंतु दीक्षाभूमी में, बौध्द जन समुदाय पहुंचे ही ना...!" इस ना-लायकी के कु-प्रयास की, जितनी भी निंदा की जाए, उतनी ही कम है...!!!* वही दीक्षाभूमी परिसर के गेट के बाहर, पोलिस खामोश दिखाई दे रहे थे...! परंतु *"समता सैनिक दल"* द्वारा, वहां उपस्थित हुये लोगों को, जबरन बाहर जाने को कहना, इसे हम क्या कहे ? दुसरे अर्थों में, दीक्षाभूमी प्रशासन / सरकारी प्रशासन / पालकमंत्री डॉ. नितिन राऊत / वहा कार्यरत समता सैनिक दल के, जवानों कों, *"बुध्दीभ्रम कोरोना"* सा हो गया हो...!!!  वे लोगों को भगाने का, प्रयास कर रहे थे. हमारी *"सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल"* के टीम का, वह सफल दबाव ही था - जिस कारण *"दीक्षाभूमी पर थोडी सी सजावट / रोशनाई"* की गयी‌. एवं नागपुर और बाहर से, लोगों का जन सागर दीक्षाभूमी की ओर बढते चला. इतना ही नहीं - स्मारक समिती को, *"आखिर छोटा सा ही सही, परंतु तिनं दिन कार्यक्रम लेने पडे...! यही हमारी (CRPC) सब से बडी जीत है...!!  वही प्रशासन की शर्मसार हार...!!!"*

    सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल की टीम, २५ अक्तुबर २०२० को दोपहर ४.०० बजे सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* इनकी प्रमुख उपस्थिती में, दीक्षाभूमी पहुंची थी. सदर टीम में *प्रा. वंदना जीवने / डॉ. किरण मेश्राम / डॉ. मनिषा घोष / प्रा. डॉ. नीता मेश्राम / डॉ. साधना गेडाम / शोभा मेश्राम / ममता गाडेकर / इंजी. स्टेफी जीवने*  आदी पदाधिकारी उपस्थित थे.‌ सदर टीम ने दीक्षाभूमी जाकर, प्रमुख गेट से ही, *"सामुदायिक बुद्ध वंदना"* ली. तथा उपस्थित जनसमुदाय के साथ बातचित की.‌ और उन्होने दिक्षाभुमी स्मारक समिती / सरकारी प्रशासन / एवं पालकमंत्री के इस शर्मसार रवैय्ये की कडी आलोचना की...!!! वही सेल की राष्ट्रीय महासचिव *डॉ. किरण मेश्राम* इन्होने, मिडिया द्वारा लिये गये मुलाखत में, प्रशासन के इस शर्मसार रवैये की, कडी आलोचना की.


* * * * * * * * * * * * * * * * * * * *










 😷 *दीक्षाभूमी नागपुर के दरवाजे "धम्म चक्र प्रवर्तन दिन" पर, जनता को अभिवादन करने खुले करे, इस संदर्भ में उच्च न्यायालय में नयी रिट याचिका दाखल. देरी के कारण, न्यायालय में सुनवाई नहीं हो सकी...!* (RSS द्वारा २५ अक्तुंबर को, रेशीमबाग में कार्यक्रम. दीक्षाभूमी में उस दिन बगैर रोशनाई / दरवाजे बंद से सन्नाटा ही सन्नाटा...! वही विभागीय आयुक्त / जिलाधिकारी / मनपा आयुक्त / पोलिस आयुक्त / धर्मादाय उपायुक्त / सहा. धर्मादाय आयुक्त के खिलाफ *"अनुसूचित जाती प्रतिबंधक कानुन"* अंतर्गत सिव्हिल कोर्ट में, मुकदमा दायर करने संदर्भ में विचार...!!!)

* *डॉ. मिलिन्द जीवने* इनके द्वारा दायर की गयी याचिका की सुनवाई, *अॅड. डॉ. मोहन गवई / अॅड. संदिप ताटके* करेंगे.

      *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य',* नागपुर १७

राष्ट्रीय अध्यक्ष, सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल

एक्स हाऊस सर्जन एवं मेडिकल ऑफिसर

मो.न. ९३७०९८४१३८, ९८९०५८६८२२



      मनमानीता एवं मुजोरी की, एक हद होती है. सीमा होती है...! जब वह हद / सीमा तुटती है, तब उसके विरोध में, एक आवाज उठती है. *"और वह आगाझ बनकर भविष्य में, एक नया संदर्भ बनाती है. नया इतिहास लिखती है...!!"* ऐसा ही एक आगाझ है, *दीक्षाभूमी का आंदोलन...!"* वह कानुनी आंदोलन, भविष्य में दीक्षाभूमी ट्रस्टीओं को एक सिख देगा. वही सरकारी प्रतिनिधी / संबंधित अधिकारी वर्ग को, प्रशासन कैसे करें...? यह अनुभव देगा. इधर २५ अक्तुबर २०२० को, *"राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ - RSS"* द्वारा रेशीमबाग के डॉ. हेडगेवार सभागृह में, दशहरा मनाने की घोषणा की गयी है. और शायद दीक्षाभूमी ट्रस्टीओं के, कोई सगे संबंधी मरने से, *"धम्म चक्र प्रवर्तन दिन"* इस पावन अवसर पर, दीक्षाभूमी के दरवाजे बंद...! कोई रोशनाई नहीं / कोई सजावट नहीं...! *"बस, दीक्षाभूमी पर सन्नाटा ही सन्नाटा...!!!"* 

      उधर *"दुर्गा नवरात्री"* में सजावट एवं आनंदी आनंद है. और दीक्षाभूमी ट्रस्टीओं को कोरोना हुआ है. दुसरे अर्थ में कहा जाएं तो, *"दीक्षाभूमी प्रशासन / नागपुर प्रशासन / पालकमंत्री डॉ. नितिन राऊत इन महाशयों को, "बुध्दीभ्रम कोरोना" हो गया है...!!!"* उन महाशयों ने, मेरी मा. उच्च न्यायालय में दायर याचिका, विचारी ढंग से पढना चाहिए. मैने उस याचिका में, भारत सरकार के ही संदर्भ दिये है. मेरी अपनी बातें, वहां नहीं है...!!! सबसे बडा सवाल तो, *"आंबेडकरी / बौध्द समुदाय के, बडे निष्क्रियता का है. उन्होंने कोरोना (?) संक्रमणता के गहराई का, संशोधनात्मक / चिकित्सात्मक /वैचारिक / वैज्ञानिक ढंग से, अध्ययन ही नहीं किया...!"* अत: उन लोगों ने मेरे द्वारा दायर, रिट याचिका में दिये गये सरकारी रिपोर्ट देखना चाहिए. और  जन मन के मुहं पर लगा, *"ऑक्सिजन रोधक आवरण"* के विरोध में, आवाज उठाना चाहिए.‌ क्यौं कि वायरस का आकार, सदर मास्क से छेदों से भी, *"मायक्रो"* होता है.‌ फिर वह मास्क, फिल्टरेशन कैसे रोक सकता है...? हां, अपने शरीर के लिये आवश्यक, *"ऑक्सीजन प्रवाह का रोधक"* जरूर है...! जो शायद हमें, नये बिमारी का आवाज दे.

     अब हम दीक्षाभूमी एवं कोरोना संदर्भ में, आज तक के कानुनी विषयों पर चर्चा करेंगे...! दीक्षाभूमी ट्रस्टी प्रशासन / विभागीय आयुक्त / जिलाधिकारी / मनपा आयुक्त / पोलिस आयुक्त इन महामहीम को, मेरे वकिल - *अॅड. डॉ. मोहन गवई* की माध्यम से, कानुनी नोटीस दिया गया. यही नहीं, *"सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल"* की टीम ने, मेरे *(डॉ. मिलिन्द जीवने)* नेतॄत्व में, निवेदन भी दिया गया. उस प्रतिनिधी मंडल में - *प्रा. वंदना जीवने / डॉ. किरण मेश्राम / दीपाली शंभरकर / ममता वरठे / सुर्यभान शेंडे / डॉ. मनिषा घोष / इंजी. माधवी जांभुलकर / प्रा. वर्षा चहांदे / प्रा. डॉ. नीता मेश्राम / डॉ. भारती लांजेवार / डॉ. साधना गेडाम / इंदुताई मेश्राम / वनिता लांजेवार / चैताली रामटेके / कल्याणी इंदोरकर / अमिता फुलकर / संध्या रंगारी / मंगला वनदुधे / ममता गोवर्धन / रमे‌श वरठे / सुरेश रंगारी / मिलिंद गाडेकर / प्रा. नितिन तागडे / प्रभाकर गेडाम* आदी पदाधिकारी वर्ग की, वहां सक्रियता थी.

     सदर निवेदन पर, उपरोक्त महोदय भावों की भुमिका *"बुध्दीभ्रम कोरोनामय"* होने से, मा. उच्च न्यायालय में याचिका *WP (ST) No. 9691/2020 यह ९ अक्तुंबर २०२० डाली गयी.* और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश द्वय - *रवी देशपांडे / पुष्पा गणोडीवाला* इन्होने, सदर याचिका यह ट्रस्ट होने के कारण, और उपरोक्त शासकीय प्रतिनिधी का (जो पार्टी थी) कोई जिक्र ना कर, १२ अक्तुबर २०२० को उस याचिका को डिसमिस किया. यहा प्रश्न Civil Penal Code - CPC Act के कलम ९ में लिखा है कि, *"The Courts shall have jurisdiction to try suits of a civil nature excepting suits of which their cognizance is either expressly or implidedly barred."* और अलाहाबाद उच्च न्यायालय नें *"श्रीधर मिश्रा विरूद्ध जयचंद्र विद्यालंकार"* (AIR 1959 All 598) इस केस में, वह संदर्भ दिया है. साथ ही Specific Relief Act के सेक्शन ४२ का जिक्र है. मैं साधारण व्यक्ती होने के कारण, उस संदर्भ को  समजना कठिण हो सकता है. 

       अत: दिनांक १३ अक्तुबर २०२० को, *मा. धर्मादाय उपायुक्त - ममता राखडे* इनके समक्ष BPT Act under Rule 41A, अंतर्गत Urgency Case फाईल किया. और मॅडम को *"धम्म चक्र प्रवर्तन दिन पर, दीक्षाभूमी के दरवाजे खुले करने के लिये, निर्देश देने की विनंती की...!"* और उन्हे स्मारक समिती को, कानुनी नोटिस देने की बात कही. और उसका रिप्लाय ना मिलने की बात कही. परंतु मॅडम ने कहां, हमारे पास बहुत केस होने के कारण, सदर केस रजीस्टर्ड  *(अर्ज क्र. ३२/२०२०)* करते हुये, दीक्षाभूमी समिती को नोटीस भेजी. और मौखिक में कहा कि, २० अक्तुबर २०२० को सुनवाई और आदेश दोनो ही करेगी. परंतु मॅडम २० अक्तुबर से २६ अक्तुबर तक बिमार होने से, छुट्टी पर चली गयी. फिर हम ने *सहा. धर्मादाय आयुक्त - माणिकराव सातव* इनके समक्ष *Urgency Hearing / Order* की अर्जी लगाई. अत: २० अक्तुबर को सुनवाई हुयी. और उन्होंने सदर अर्जी पर, *Written Notes of Arguments* उसी दिन शाम तक देने की बात कही. और २१ अक्तुबर को आदेश करता हुं, यह बात कही. परंतु उन्होंने आदेश उस दिन ना कर, *२२ अक्तुबर २०२० को* अपना जजमेंट देकरं, (हम वहां शाम ६.३० तक रूके रहे) उस जजमेंट में, *"Rule 41A में धर्मादाय आयुक्त को जादा अधिकार ना होने का जिक्र किया. यही नहीं कोरोना संक्रमण में, शासन आदेश का पालन करना अनिवार्य है. मनपा आयुक्त / जिलाधिकारी इन्हे इस विषय संदर्भ में, अधिकार है. उनकी अनुमती ना होने का जिक्र करते हुये, वह याचिका नामंंजुर की...!"* अब सवाल सहा. धर्मादाय आयुक्त द्वारा उठाये गये, सदर विषय का उत्तर उभी जजमेंट में, हमारे Written Notes of Arguments में लिखे गये थे. सदर केस में हमारा पक्ष, *अॅड. संदिप ताटके* ने अच्छे से रखा. वही *प्रवीण मेश्राम* ने यह कानुनी केस बनाने में, बडी मेहनत ली. महाराष्ट्र शासन द्वारा प्रकाशीत *"दशहरा / नवरात्री मनाये जाने का पत्रक"* वहा सलग्न था. मा. सर्वोच्च न्यायालयाने *"जगन्नाथ रथयात्रा"* का सायटेशन था. जिलाधिकारी / मनपा आयुक्त को, दी गयी कानुनी नोटीस थी.‌ अब सवाल यह है कि, *"सहा. धर्मादाय आयुक्त का, वह जजमेंट मेरीट पर खरा उतरता है...?"* और दीक्षाभूमी के दरवाजे खोलने के, निर्देश देने से मना किया. 

       आखिर *२३ अक्तुबर २०२० को* हम ने, मा. उच्च न्यायालय में सदर जजमेंट के विरोध में, *"नयी रीट याचिका"* दोपहर के बाद दायर की. क्यौं कि, याचिका तयार करनें में, थोडा वक्त तो लगेगा. और देरी के कारण, आज सदर याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी. मेरी ओर से इस याचिका में, *अॅड. डॉ. मोहन गवई / अॅड. संदिप ताटके* पैरवी करनेवाले है. *कल २४ - २५ अक्तुबर को*, उच्च न्यायालय बंद रहेंगे. अब सवाल है कि, *एक "अर्जंट मॅटर" में सर्वोच्च न्यायालय नें, रात को बारा बजे सुनवाई की थी.* क्या उसी आधार पर, दीक्षाभूमी के लिये, कल २४ अक्तुबर को उच्च न्यायालय, नागपुर खंडपीठ खुलेगा...??? यह प्रश्न है. क्यौ कि, *"धम्म चक्र प्रवर्तन दिन"* यह *"आंतरराष्ट्रीय समारोह"* है.‌ और वह *"भारत के गौरव"* का प्रतिक है. यह अलग विषय है कि, *"दीक्षाभूमी समिती, यह गधे / बिन-अकलों का जमावडा है...!"* उन्हे *"बौध्द धम्म अस्मिता"* की ना कोई चिंता है, ना ही कोई देना देना है. *"ना ही वे, ट्रस्टी अर्थात विश्वस्त बनने के लायक है...!"* विश्वस्त का अर्थ होता है, *"समाज का विश्वास योग्य व्यक्ती...!"* उनसे वो तवायफ अच्छी है, जो अपने पेशे से वफादार रहती है. ये तो अपने दायित्व के प्रती, वफादार नहीं रहे...!

       अब हम कोरोना संक्रमण / कोविड - १९ पर चर्चा करेंगे. भारत सरकार के अनुसार, *"कोविड का Recovery Rate यह 87% है और Corona Patient Rate यह 13% है...!"*  दुसरी बात यह कि, भारत का पिछले दो साल एवं कोरोना वर्ष २०२० का *"Death Rate"* - ७.२४% (वर्ष २०१८) / ७.२७% (वर्ष २०१९) / *और ७.३० (वर्ष २०२०)* है. मजे की बात यह कि, सन २०१८ एवं २०१९ में जो मॄत्यु का प्रतिशत है, उस में *"नैसर्गिक मॄत्यु, हार्ट अॅटक, न्युमोनिया, पिलिया, अपघात"* आदी सभी सलग्न है. और सन २०२० में, यह सभी मॄत्यु गायब है. वहीं भारत सरकार का आरोग्य संघटन *Indian Council Of Medical Research (ICMR)* ने, सभी हॉस्पिटल को गाईड लाईन भेजी है कि, *"हॉस्पिटल में मॄत्यु हुये, सभी मयत को कोरोना बताना है...!"* सवाल इसी पर रूका नही है. वे कहते हैं कि, *"पेशंट की Autopsy करना भी जरूरी नहीं."* अरे भई, किसी पेशंट का Autopsy या Byopsy नहीं करोंगे तो, बिमारी का Confirm निदान कैसे होगा...? इस कारणवश कोरोना के नाम पर, मरे हुये व्यक्ती के शव का अंतसंस्कार भी, हम सन्मानपूर्वक नहीं कर सकते...? इसे हम क्या कहे...!!!

     इधर हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी *"जगन्नाथ रथयात्रा"* में सहभाग ले रहे है. *मा. सर्वोच्च न्यायालयाने* सदर रथयात्रा निकालने को, अपनी अनुमती दी थी.‌ वही नरेंद्र मोदी ने *"अयोध्या रामजन्म भुमी शिलाण्यास"* में भी, अपनी उपस्थिती दर्शायी. *"शबरी माता मंदिर"* यह, पाच दिन के लिये खोला गया है. *"पंढरपूर विठ्ठल मंदिर"* भी खुल गया. *"RSS द्वारा नागपुर के रेशिमबाग बाग में, दशहरा कार्यक्रम २५ अक्तुबर २०२० को होने जा रहा है...!"* और बौध्दों की ऐतिहासिक धरोहर *"दीक्षाभूमी - अंधेरा छाया रहे. दरवाजे बंद कर, सन्नाटा जिंदा रहे...!"*  और हमारे तथाकथित आंबेडकरी मित्रवर - पालकमंत्री *डॉ. नितिन राऊत*  ये *"बुध्दीभ्रम कोरोना"* से ग्रस्त दिखाई दे रहे है. वंचित नेता *अॅड. प्रकाश आंबेडकर* इन्हे, *"पंढरपूर विठ्ठल मंदिर"* खुला करने की याद आयी. हमारी चेतना भुमी / क्रांती भुमी / मातॄ भुमी / कर्म भुमी / आदर्श भुमी - *दीक्षाभूमी की नहीं...!!!* अंत में है इतना ही कहुंगा कि, हमारा *"दीक्षाभूमी आंदोलन"* यह कानुनी लढाई, अब रूका नहीं. ना ही वह रूकनेवाला है. साथ ही प्रशासन महर्षी - विभागीय आयुक्त / जिलाधिकारी / मनपा आयुक्त / पोलिस आयुक्त / धर्मादाय उपायुक्त / धर्मादाय सहा. आयुक्त इन अधिकारीयों पर, *"अनुसूचित जाती प्रतिबंधक कानुन"* अंतर्गत, केस डालने पर विचार किया जा रहा है...!!!


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* *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य',* नागपुर १७

राष्ट्रीय अध्यक्ष, सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल

एक्स हाऊस सर्जन एवं मेडिकल ऑफिसर

मो.न. ९३७०९८४१३८, ९८९०५८६८२२