✍️ *प्रा. डा. प्रदिप आगलावे इनके नागपुर विद्यापीठ आर्थिक भ्रष्टाचार प्रकरण (?) पर पँथर प्रकाश बनसोड - डा मिलिन्द जीवने 'शाक्य' इन पर डाले गये डिफेमेशन केस में बनसोड - डा. जीवने इनका रिप्लाय सादर !*
*प्रा. डा. प्रदीप ना. आगलावे* ये जब नागपुर विद्यापीठ डा. विचारधारा विभाग तथा डा आंबेडकर चेयर के प्रमुख रहे थे, तब प्रा. आगलावे इन्होने *"डा आंबेडकर अध्यासन"* विभाग मे *"आर्थिक भ्रष्टाचार"* करने का आरोप हुआ. तथा उस संदर्भ मे कुछ गंभिर शिकायतें भी नागपुर विद्यापीठ के कुलगुरु *डा सुभाष चौधरी* इनके पास की गयी. सदर शिकायत के आधार पर, तत्कालीन प्र-कुलगुरु *डा. राजेंद्र काकडे* इनकी अध्यक्षता में *प्रा. डा. विजया उइके / प्रा. डा. निरज बोधी* यह तिन सदस्यीय समिती गठीत की गयी तथा प्रा आगलावे इन पर लगे आर्थिक भ्रष्टाचार की जाँच की गयी. सदर तिन सदस्यीय समितीने ११ मार्च २०२५ को अपना चौकशी अहवाल तत्कालीन कुलगुरु *डा सुभाष चौधरी* इनको सादर किया. सदर समितीने *"कुलगुरु इनके अनुमती के बिना कामकाज करना / ज्यादा राशी के व्यवहार रोख से करना / किये गये खर्च की उचित जाँच ना करना / निकर (चड्डी) खरेदी का बील / डा आंबेडकर आँन नेशन एंड नँशनालिझम की ५०० प्रति छपाई का कोई भी प्रमाण ना दिखना या कुलगुरु की अनुमती ना लेना / लंडन दौरा का ५० हजार खर्च बील / हिस्ट्री आँफ आंबेडकराईट मुव्हमेंट यह संशोधन डा आंबेडकर फाऊंडेशन को सादर करते दिखाई ना देना"* आदि विषयों का जिक्र किया गया. प्रा डा प्रदिप आगलावे इन्होने सदर *"तिन सदस्यीय समिती"* के चौकशी अहवाल को, किसी भी न्यायालय में चुनौती नही दी गयी. *पँथर प्रकाश बनसोड* इन्होने डा बाबासाहेब अध्यासन विभाग मे हुये नागपुर विद्यापीठ *"समस्त शिकायते / तिन सदस्यीय समिती अहवाल"* को जनता को जाणने हेतु एक *"पुस्तिका"* रुप में प्रकाशीत किया. जब वह *"पुस्तिका"* मुझे भेट की गयी थी, तब वह किताब पढने के उपरांत मे, मै बडा चिंतित हुआ. *प्रा प्रदिप आगलावे*:ये मेरा बहुत ही अच्छा जिवलग मित्र है. प्रदिप के बहुत से *"सुख दुख"* का मै साथी भी रहा हुँ. प्रदिप के शादी का भी मै *"मध्यस्थ"* था. प्रदिप की आर्थिक स्थिती खराब होने के कारण, प्रदिप का जीवन *"सेवाग्राम गांधी आश्रम"* में गुजरा था. गांधी आश्रम में प्रदिप को एक रुम दी गयी थी. प्रदिप के मेहनत के कारण ही उसने उचाँई भी हासिल की. प्रदिप को *"आंबेडकरी विचारों"* मे जोडने / लाने में *प्रा. डा. ज्योती लांजेवार / मेरे (डा जीवने) / एड. मिलिन्द बनसोड* इन मित्र वर्ग का बडा योगदान रहा है.
*पँथर प्रकाश बनसोड* इन्होने केवल नागपुर विद्यापीठ में किये गये सभी शिकायते / चौकशी अहवाल को प्रकाशित किया. चौकशी अहवाल में *"तिन सदस्यीय समिती"* ने प्रदिप आगलावे इन पर गंभिर आरोप लगाये है. और मैने उस किताब पर केवल *"समिक्षा"* लिखी है. अत: इस विषय को *"प्रा प्रदीप आगलावे* इनकी बदनामी कैसे कह सकते है ? प्रदिप आगलावे इनका व्यवहार / चरित्र शुध्द होना चाहिये. प्रदीप पर हुये आरोपों को *"तिन सदस्यीय समिती"*:ने सही माना है. यह विषय अलग है कि, नागपुर विद्यापीठ द्वारा *"फौजदारी केस"* (Criminal Offence) यह प्रदिप आगलावे इनके विरोध में दायर नही की गयी. अत: *"प्रदिप आगलावे इन्होने डा आंबेडकर दीक्षाभुमी स्मारक समिती"* में सदस्य रहना चाहिये या नही ? यह प्रदिप का तथा स्मारक समिती का विषय क्षेत्र है. परंतु प्रदिप आगलावे इन्होने *एड. डा सिध्दार्थ कांबले* इनके मार्फत *"सह दिवाणी न्यायाधीश, वरिष्ठ स्तर, नागपुर"* इनके कोर्ट में *पँथर प्रकाश बनसोड / डा मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* इनके विरोध में *"Spl. C. S. No. 1286/2025"* डिफेमेशन केस दायर की है. सदर केस दायर करने के पहले, एड सिध्दार्थ कांबले द्वारा हमे *"रु. ७५ लाख"* डिफेमेशन नोटीस भेजी थी. परंतु *"कोर्ट फी"* कारणवश अब *"रु. १० लाख"* डिफेमेशन केस प्रदीप आगलावे द्वारा डाली गयी. प्रकाश बनसोड इनकी ओर से वकिल *एड प्रमोद एन. कांबले* तथा डा मिलिन्द जीवने इनके वकिल *एड. सी एफ. भागवानी* यह केस की पैरवी कर रहे है. तथा प्रदिप आगलावे इनकी ओर से *एड. डा सिध्दार्थ कांबले* पैरवी कर रहे है. बनसोड - डा जीवने इनके वकिल द्वारा कोर्ट में *"रिप्लाय"* दायर किया गया था. परंतु प्रदिप आगलावे इनके वकिल *एड सिध्दार्थ कांबले* इन्होने *"रिप्लाय प्रति"* ना मिलने का जिक्र कर *"Ext. 11"* दायर की. परंतु २२ सितंबर को प्रदिप आगलावे इनके वकिल *एड सिध्दार्थ कांबले* इन्होने अपनी वह अर्जी वापस ली. अब केस Issue हेतु कोर्ट के सामने प्रलंबित है. शायद भविष्य मे नागपुर विद्यापीठ के *"तिन सदस्यीय समिती"* को भी बयान देणे कोर्ट आना पड सकता है.
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नागपुर दिनांक २२ सितंबर २०२६