Friday, 2 October 2026

 *डाँ. आंबेडकर सीआरपीसी राष्ट्रिय पुरस्कार एड. मोहन गवई / डाँ. प्रमोद चिंचखेडे / प्रा. डाँ. नितिन तागडे / सीमा बोधनकर / ज्युली चार्ली इन्हे घोषित. डाँ आंबेडकर आंतरराष्ट्रिय कन्व्हेंशन सेंटर मे ४ अक्तुबर सुबह ११. ३० बजे सन्मान समारोह !*

   *सिव्हिल राईट्स (अधिकार) वर्क्स शाँप*

🏆*माता सावित्रीबाई फुले - माता रमाई आंबेडकर इंसेटिव्ह अवार्ड* वर्क शाँप मे उत्कृष्ठ योगदान एवं मेरिट धारक (दस लोगों) को !


          सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल की डाँटर विं *"सीआरपीसी वुमेन विंग / सीआरपीसी फिनिक्स विंग"* इनकी संयुक्त तत्वधान में एक दिवसीय *"सिव्हिल राईट्स (मानवी अधिकार वर्क्स शाँप"* तथा *डा बाबासाहेब आंबेडकर  राष्ट्रिय पुरस्कार"* का आयोजन ४ अक्तुबर २०२६ को सुबह ११. ३० बजे होने जा रहा है.  सदर समारोह में राष्ट्रिय अध्यक्ष *डाँ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य' सर* अध्यक्षता करेंगें. तथा प्रमुख अतिधी *अपर पोलिस आयुक्त - विनिता शाहु / एक्स डेप्युटी डायरेक्ट आँफ हेल्थ - डाँ. गणेश रामटेके / जिल्हा परिषद असि. इंजिनियर - मनोज झोडापे*  तथा विशेष अतिथी *रुतुजा जयस्वाल / वर्षा श्यामकुले* मान्यवरों की उपस्थिती होंगी.  साथ ही *"तिन मान्यवर वकिल"* वर्ग *एड. डा मोहन गवई / डा राजेश लाख / एड. डाँली अग्रवाल* का कानुनी अधिकार पर मार्गदर्शन होगा. *डाँ. आंबेडकर सीआरपीसी राष्ट्रीय पुरस्कार* यह सामाजिक क्षेत्र से जुडे  हुये *एड. डाँ. मोहन गवई / डाँ. प्रमोद चिंचखेडे / प्रा. नितिन तागडे / सीमा बोधनकर / ज्युली चार्ली* इनको घोषित हुआ है. संविधान वर्क शाँप सफलता में *"योगदान देनेवाले एवं मेरिट धारक"* को सेल के राष्ट्रिय अध्यक्ष *डाँ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* सर वर्क शाँप प्रशिक्षण लेनेवाले को *"माता सावित्रीबाई फुले - माता रमाई आंबेडकर इंसेटिव्ह अवार्ड २०२६"*  (दस प्रशिक्षणार्थी को ) की वर्क शाँप में घोषणा कर *"मेमेंटो / अवार्ड सर्टिफिकेट"* यह समारोप कार्यक्रम में प्रदान करने की घोषणा सेल के राष्ट्रिय सचिव *सुर्यभान शेंडे* इन्होने एक पत्रक में घोषित की है.


स्नेहांकित - सीआरपीसी - *डाँ. संजीव कांबले* (एक्स डायरेक्टर आँफ हेल्थ) /*सुर्यभान शेंडे /  इंजी. मनोज झोडापे / दिलिप तांदले / संजीवन वालदे / डाँ. राजेश नंदेश्वर / राजेंद्र घोरपडे / डाँ अभिजित बरुआ / विजय सहारे / मोजेश गौर / सुधाकर धुर्वे / संजय आवले / युसुफ उन्नबी खान* आदि पदाधिकारी 

वुमेन विंग - *जेनिफर पिल्ले कांबले / हेलन (बेला) मरियन / सुमिता झा / छाया (निशा) कुलकर्णी / डाँ. मनिषा घोष / डाँ. इंदिरा सोमकुवर / डा. भारती लांजेवार / सुमिता झा / संजीवनी कुमरे / राजश्री बावणे / शीला नैताम / एड. बबीता मेश्राय / बबीता सोमकुवर* तथा सी. आर. पी. सी. वुमेन विंग / सी. आर. पी. सी. फिनिक्स विंग एवं तमाम वुमेन पदाधिकारी

Sunday, 27 September 2026

 💐 *इंजी. मनोज झोडापे इनकी राष्ट्रिय उपाध्यक्ष एवं इंजी. मनोज गजभिये इनकी राष्ट्रिय सचिव पद पर सीआरपीसी इंजीनिअर्स विंग / सीआरपीसी एम्प्लाईज विंग में नियुक्ती  !*


      *सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल* की डाटर कंसर्न राष्ट्रिय संघटन सी.आर.पी.सी. इंजिनियर्स विंग  / सीआरपीसी एम्प्लाईज विंग के **राष्ट्रिय उपाध्यक्ष"* पद पर *इंजी. मनोज झोडापे* इनकी तथा *"राष्ट्रिय सचिव"* पद पर *इंजी. मनोज गजभिये* इनकी नियुक्ती सीआरपीसी के राष्ट्रिय अध्यक्ष *डाँ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*  इनके सुचना पर सीआरपीसी के राष्ट्रिय सचिव *सुर्यभान शेंडे* इन्होने घोषित की है. सदर नियुक्ती सुचना सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल के *राष्ट्रिय अध्यक्ष* तथा सीआरपीसी वुमन्स विंग / सीआरपीसी एडव्होकेट विंग / सीआरपीसी एम्पाइज विंग / सीआरपीसी हेल्थ (डॉक्टर) विंग / सीआरपीसी बुध्द आंबेडकरी साहित्यिक (लिटररी) विंग / सीआरपीसी इंजीनियर्स विंग / सीआरपीसी ट्रेड्स एंड कॉमर्स विंग / सीआरपीसी ट्रायबल विंग / सीआरपीसी कल्चरल विंग / सीआरपीसी वुमन्स क्लब के "राष्ट्रिय पेट्रान" - *डॉ मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*  इन्हे कर दी है. *इंजी. झोडापे / इंजी. गजभिये* ये सामाजिक क्षेत्र से जुडे है. उनके इस नियुक्ती पर सभी पदाधिकारी वर्ग ने उनका अभिनंदन किया है.

 💐 *डा. प्रमोद चिंचखेडे इनकी राष्ट्रिय संघटक एवं महेश झोडापे इनकी राष्ट्रिय उपाध्यक्ष पद पर सीआरपीसी ट्रेड एंड काँमर्स विंग में नियुक्ती  !*


      *सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल* की डाटर कंसर्न राष्ट्रिय संघटन सी.आर.पी.सी. काँमर्स विंग  के **राष्ट्रिय संघटक"* पद पर *डाँ. प्रमोद चिंचखेडे* इनकी तथा *"राष्ट्रिय उपाध्यक्ष "* पद पर *महेश झोडापे* इनकी नियुक्ती सीआरपीसी के राष्ट्रिय अध्यक्ष *डाँ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*  इनके सुचना पर सीआरपीसी के राष्ट्रिय सचिव कवि - *सुर्यभान शेंडे* इन्होने घोषित की है. सदर नियुक्ती सुचना सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल के *राष्ट्रिय अध्यक्ष* तथा सीआरपीसी वुमन्स विंग / सीआरपीसी एडव्होकेट विंग / सीआरपीसी एम्पाइज विंग / सीआरपीसी हेल्थ (डॉक्टर) विंग / सीआरपीसी बुध्द आंबेडकरी साहित्यिक (लिटररी) विंग / सीआरपीसी इंजीनियर्स विंग / सीआरपीसी ट्रेड्स एंड कॉमर्स विंग / सीआरपीसी ट्रायबल विंग / सीआरपीसी कल्चरल विंग / सीआरपीसी वुमन्स क्लब के "राष्ट्रिय पेट्रान" - *डॉ मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*  इन्हे कर दी है. *डाँ. चिंचखेडे / झोडापे* ये सामाजिक क्षेत्र से जुडे है. उनके इस नियुक्ती पर सभी पदाधिकारी वर्ग ने उनका अभिनंदन किया है.

Tuesday, 22 September 2026

 ✍️ *प्रा. डा. प्रदिप आगलावे इनके नागपुर विद्यापीठ आर्थिक भ्रष्टाचार प्रकरण (?) पर पँथर प्रकाश बनसोड - डा मिलिन्द जीवने 'शाक्य' इन पर डाले गये डिफेमेशन केस में बनसोड - डा. जीवने इनका रिप्लाय सादर !*


            *प्रा. डा. प्रदीप ना. आगलावे* ये जब नागपुर विद्यापीठ डा. विचारधारा विभाग तथा डा आंबेडकर चेयर के प्रमुख रहे थे, तब प्रा. आगलावे इन्होने *"डा आंबेडकर अध्यासन"* विभाग मे *"आर्थिक भ्रष्टाचार"* करने का आरोप हुआ. तथा उस संदर्भ मे कुछ गंभिर शिकायतें भी नागपुर विद्यापीठ के कुलगुरु *डा सुभाष चौधरी* इनके पास की गयी. सदर शिकायत के आधार पर, तत्कालीन प्र-कुलगुरु *डा. राजेंद्र काकडे* इनकी अध्यक्षता में *प्रा. डा. विजया उइके / प्रा. डा. निरज बोधी* यह तिन सदस्यीय समिती गठीत की गयी तथा प्रा आगलावे इन पर लगे आर्थिक भ्रष्टाचार की जाँच की गयी. सदर तिन सदस्यीय समितीने ११ मार्च २०२५ को अपना चौकशी अहवाल तत्कालीन कुलगुरु *डा सुभाष चौधरी* इनको सादर किया. सदर समितीने *"कुलगुरु इनके अनुमती के बिना कामकाज करना / ज्यादा राशी के व्यवहार रोख से करना / किये गये खर्च की उचित जाँच ना करना / निकर (चड्डी) खरेदी का बील / डा आंबेडकर आँन नेशन एंड नँशनालिझम की ५०० प्रति छपाई का कोई भी प्रमाण ना दिखना या कुलगुरु की अनुमती ना लेना / लंडन दौरा का ५० हजार खर्च बील / हिस्ट्री आँफ आंबेडकराईट मुव्हमेंट यह संशोधन डा आंबेडकर फाऊंडेशन को सादर करते दिखाई ना देना"* आदि विषयों का जिक्र किया गया. प्रा डा प्रदिप आगलावे इन्होने सदर *"तिन सदस्यीय समिती"* के चौकशी अहवाल को, किसी भी न्यायालय में चुनौती नही दी गयी. *पँथर प्रकाश बनसोड* इन्होने डा बाबासाहेब अध्यासन विभाग मे हुये नागपुर विद्यापीठ *"समस्त शिकायते / तिन सदस्यीय समिती अहवाल"* को जनता को जाणने हेतु एक *"पुस्तिका"* रुप में प्रकाशीत किया. जब वह *"पुस्तिका"* मुझे भेट की गयी थी, तब वह किताब पढने के उपरांत मे, मै बडा चिंतित हुआ. *प्रा प्रदिप आगलावे*:ये मेरा बहुत ही अच्छा जिवलग मित्र है. प्रदिप के बहुत से *"सुख दुख"* का मै साथी भी रहा हुँ. प्रदिप के शादी का भी मै *"मध्यस्थ"* था. प्रदिप की आर्थिक स्थिती खराब होने के कारण, प्रदिप का जीवन *"सेवाग्राम गांधी आश्रम"* में गुजरा था. गांधी आश्रम में प्रदिप को एक रुम दी गयी थी. प्रदिप के मेहनत के कारण ही उसने उचाँई भी हासिल की. प्रदिप को *"आंबेडकरी विचारों"* मे जोडने / लाने में *प्रा. डा. ज्योती लांजेवार / मेरे (डा जीवने) / एड.  मिलिन्द बनसोड* इन मित्र वर्ग का बडा योगदान रहा है.

           *पँथर प्रकाश बनसोड* इन्होने केवल नागपुर विद्यापीठ में किये गये सभी शिकायते / चौकशी अहवाल को प्रकाशित किया. चौकशी अहवाल में *"तिन सदस्यीय समिती"* ने प्रदिप आगलावे इन पर गंभिर आरोप लगाये है. और मैने उस किताब पर केवल *"समिक्षा"* लिखी है. अत: इस विषय को *"प्रा प्रदीप आगलावे* इनकी बदनामी कैसे कह सकते है ? प्रदिप आगलावे इनका व्यवहार / चरित्र शुध्द होना चाहिये. प्रदीप पर हुये आरोपों को *"तिन सदस्यीय समिती"*:ने सही माना है. यह विषय अलग है कि, नागपुर विद्यापीठ द्वारा *"फौजदारी केस"* (Criminal Offence) यह प्रदिप आगलावे इनके विरोध में दायर नही की गयी. अत: *"प्रदिप आगलावे इन्होने डा आंबेडकर दीक्षाभुमी स्मारक समिती"* में सदस्य रहना चाहिये या नही ? यह प्रदिप का तथा स्मारक समिती का विषय क्षेत्र है. परंतु प्रदिप आगलावे इन्होने *एड. डा सिध्दार्थ कांबले* इनके मार्फत *"सह दिवाणी न्यायाधीश, वरिष्ठ स्तर, नागपुर"* इनके कोर्ट में *पँथर प्रकाश बनसोड / डा मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* इनके विरोध में *"Spl. C. S. No. 1286/2025"* डिफेमेशन केस दायर की है. सदर केस दायर करने के पहले, एड सिध्दार्थ कांबले द्वारा हमे *"रु. ७५ लाख"* डिफेमेशन नोटीस भेजी थी. परंतु *"कोर्ट फी"* कारणवश अब *"रु. १० लाख"* डिफेमेशन केस प्रदीप आगलावे द्वारा डाली गयी. प्रकाश बनसोड इनकी ओर से वकिल *एड प्रमोद एन. कांबले* तथा डा मिलिन्द जीवने इनके वकिल *एड. सी एफ. भागवानी* यह केस की पैरवी कर रहे है. तथा प्रदिप आगलावे इनकी ओर से *एड. डा सिध्दार्थ कांबले* पैरवी कर रहे है. बनसोड - डा जीवने इनके वकिल द्वारा कोर्ट में *"रिप्लाय"* दायर किया गया था. परंतु प्रदिप आगलावे इनके वकिल *एड सिध्दार्थ कांबले* इन्होने *"रिप्लाय प्रति"* ना मिलने का जिक्र कर *"Ext. 11"* दायर की. परंतु २२ सितंबर को प्रदिप आगलावे इनके वकिल *एड सिध्दार्थ कांबले* इन्होने अपनी वह अर्जी वापस ली. अब केस Issue हेतु कोर्ट के सामने प्रलंबित है. शायद भविष्य मे नागपुर विद्यापीठ के *"तिन सदस्यीय समिती"* को भी बयान देणे कोर्ट आना पड सकता है.


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नागपुर दिनांक २२ सितंबर २०२६

Monday, 21 September 2026

 🚩 *नागपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में गणपती को बिठाकर न्यायालय यह ब्राह्मण हिंदु देव मंदिर का स्वरुप मिला !* न्यायाधीश वर्ग की लायकी न्यायाधीश बनने की नही मंदिर पंडे बनने की है.

         *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* नागपुर १७

राष्ट्रिय अध्यक्ष, सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल

एक्स व्हिजिटींग प्रोफेसर, डॉ बी आर आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ, महु म.प्र.

एक्स मेडिकल आँफिसर एंड हाऊस सर्जन

बुध्द आंबेडकरी लेखक, कवि, समिक्षक, चिंतक

अध्यक्ष - आयोजक, जागतिक बौध्द परिषद (नागपुर) वर्ष २००६, २०१३, २०१४, २०१५

आंतरराष्ट्रिय परिषदों के संशोधन पेपर परिक्षक

मो.न. ९३७०९८४१३८, ९८९०५८६८२२


        पिछले साल मै व्यक्तिगत काम से *"नागपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट तथा भंडारा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट"* गया था. और भंडारा - तथा नागपुर कोर्ट में गणपति बैठे देखकर उसकी मैने व्हिडिओ बनाकर यु ट्युब मे. / तथा फोटो खिचकर मिडिया में प्रकाशीत कर *"न्यायाधीश"* वर्ग की लायकी *"पंडे"* वर्ग से जोडकर, न्यायाधीश पद से इस्तिफा देकर / हिंदु मंदिर का पंडे होने की बात कही थी. मेरी यह पोस्ट पढकर कोर्ट से दुसरे दिन ही गणपति हटाया गया. इस साल भी *"नागपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट"* में गणपति बिठाये जाने पर, मेरे उस न्युज की दखल लेकर कुछ वकिल वर्ग ने *"प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज"* इनके नाम एक निवेदन देने का प्रयास किया है. *"मुंबई उच्च न्यायालय"*  के न्यायाधीश की लायकी न्यायाधीश बनने की नही तो पंडै बनने की है. न्यायदान को उचित रुप में देने की लायकी उन न्यायाधीश वर्ग में कितनी है, इह पर संशोधन करना होगा. *"सर्वोच्च न्यायालय"* एक भुतपुर्व सरन्यायाधी *धनंजय चंद्रचुड* के पास न्याय लिखने की बुध्दी ना होने  के कारण *"राम मंदिर जन्मभुमी प्रकरण"* मेंं न्याय लिखने वो गणपति शरण गया था. ऐसे एक भुतपुर्व सरन्यायाधीश *शरद बोबडे* वो महाशय भी रामजमभुमी प्रकरण से जुडा था, वो महाशय तो *"सरन्यायाधीश गरिमा - प्रोटोकाल भुलकर* भगवान के सामने पुर्णत: सो गया था. ऐसे ना-लायक (Not Qualified) न्यायाधीश की नियुक्ति होती हो तो, भारत देश का भविष्य क्या होगा ? यह देखकर भारत विकास की चिंता होती है. और *"घुटने अंधभक्त वकिलों* के बारे में क्या कहे ? उन्हे यह पता नही की शासकीय कार्यालय मे *", देवपुजा"*:करना / देव - देवी को बिठाना संविधान विरोधी है. धर्म यह व्यक्तिगत विषय है. आप को पुजा करना हो तो अपने घर करे. शासकिय कार्यालय नही.


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Monday, 14 September 2026

 🌹 *बुध्द वाणीचा नाद !*

       *डाँ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*

       मो.न. ९३७०९८४१३८


गोडवा साखरेचा शेष नाही तुझ्यात हे

बुध्द वाणीचा नाद नाही तो तुझ्यात रे....


फुलाची कोमलता शोधु या मनात हे

प्रेमाचा मधुर गंध नाही तो तुझ्यात रे

शब्दांचा जागर सुटला ह्या जगात हे

सांजेची शीतल छाया ना ती तुझ्यात रे....


भुंग्याचा गंध नाद फिरे ह्या फुलात हे

फुलांचे निस्सिम प्रेम दिसे निसर्गात रे

आसुसले नयन शोधी कवेची छाया हे

जीवनाचा सार दडला ह्या आसवात रे....


बुध्द मैत्रीचा पथ हा सा-या जगी हे

करुणा नाद फिरे ह्या मना मनात रे

सुर्य किरण छाया ती चंद्राचा ग्रहण हे

बुध्दाचे धम्म चक्र फिरे ह्या जगात रे....


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नागपूर दिनांक १४ सप्टेंबर २०२६

Friday, 11 September 2026

 👌*इंडोनेशिया बाली शहर के होटल ट्रांस में १० - ११ सितंबर २०२६ को दो दिवसीय ICOAH H.Q.: श्रीलंका द्वारा आंतरराष्ट्रिय परिषद का सफल आयोजन !*

         *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* नागपुर १७

राष्ट्रिय अध्यक्ष, सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल

एक्स व्हिजिटींग प्रोफेसर, डॉ बी आर आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ, महु म.प्र.

एक्स मेडिकल आँफिसर एंड हाऊस सर्जन

बुध्द आंबेडकरी लेखक, कवि, समिक्षक, चिंतक

अध्यक्ष - आयोजक, जागतिक बौध्द परिषद (नागपुर) वर्ष २००६, २०१३, २०१४, २०१५

आंतरराष्ट्रिय परिषदों के संशोधन पेपर परिक्षक

मो.न. ९३७०९८४१३८, ९८९०५८६८२२


           *श्रीलंका* इस विशाल समुद्री बेट देश मुख्यालय स्थित *TIIKM* संस्थान द्वारा *"13th International Conference on Arts & Humanities"* (ICOAH) का सफल आयोजन इस वर्ष १० - ११ सितंबर २०२६ को, इंडोनेशिया *"बाली"* राजधानी प्रमुख शहर के *"होटल ट्रांस"* में आयोजित किया गया था. परिषद की प्रमुख थिम थी - *"The AI Mirror : Reflecting Humanity, Reimaging the Future."* पिछले साल १२ वी आंतरराष्ट्रिय परिषद का सफल आयोजन ये *"थायलंड"* इस बौध्द देश में हुआ था. विश्व के विभिन्न देशों में TIIKM संस्थान द्वारा आंतरराष्ट्रिय परिषद आयोजन किया जाता है. विश्व के *"नामांकित विद्यापीठ के विद्वान / एक्सपर्ट / अन्य"* सदर परिषद में, *"वेलकम स्पिच / की नोट स्पिच / स्पिकर्स / सेशन चेयरपर्सन"* स्पिच देते है. तथा विश्व से विभिन्न विद्यापीठ के संशोधन छात्र सदर परिषद में, अपने *"संशोधन पेपर"* सादर करते है. सदर संशोधन पेपर विश्व के नामांकित मान्यवर द्वारा उसे *"Evaluation Panel"* द्वारा परिक्षण किया जाता है. सदर संशोधन पेपर जब *"Evaluation Panel"* तज्ञ के पास तपास हेतु जाता है, एक विशिष्ट फार्माट में उस *"संशोधन पेपर"* को जांच करनी होती है. सदर संशोधन पेपर किस संशोधन छात्र का है, उस की जानकारी तक *"Evaluaters"* को नही होती, इतनी गोपनियता *"परिषद आयोजन कर्ता"* इनकी होती है. और जाँच कर्ता *Evaluaters* को भी, सदर संशोधन पेपर *"क्यौं सादर करने उचित"* है, यह शेरा लिखना भी होता है. और आंतरराष्ट्रिय परिषद के *"सेशन चर्चा"* में भी वह Explain करना होता है. कभी कभी Evaluaters को भी *"Session Chairman"* का दायित्व निभाना होता है. *"मुझे स्वयं"* (डा. जीवने) भी सदर कुछ आंतरराष्ट्रिय परिषदों में *"Evaluation Pannel"* का हिस्सा होने का / *"संशोधन पेपर जाँच"* करने के कुछ अवसर मिले है. और मैने भी बहुत सें संशोधन पेपर को Examine किया है. संस्थान द्वारा हमे संशोधन पेपर की जाँच करने पर *"सन्मान प्रमाणपत्र"* प्रदान किया गया है. मुझे राष्ट्रिय / आंतरराष्ट्रिय परिषदों में सहभाग लेने हेतु *"देश / विदेश"* में जाने का अवसर आया. कुछ परिषदों में *"मेरी कुछ व्यस्ततावश"* जाना भी संभव नही हूआ. तब मैने आयोजकों को केवल *"संशोधन पेपर"* जाँच करने की अपनी स्विकृति दी थी.

           TIIKM संस्थान द्वारा मान्यवर विद्वान एक्सपर्ट की व्यस्तता को देखते हुये, परिषद सेशन में *Physical Session / Virtual Session"* की भी व्यवस्था की है. जो एक उचित पहल है. पाच - छः साल पहले *"श्रीलंका सरकार"* (सांस्कृतिक मंत्रालय) द्वारा *"बुध्दीस्ट भिक्खु (मांक) विद्यापीठ अनुराधापुर"* में मुझे निमंत्रित किया गया था. तब श्रीलंका देश के *"कोलंबो एयरपोर्ट से लेकर समुचे श्रीलंका दौरें में हमे VVIP"* सन्मान के साथ / *श्रीलंका सेना* की पुर्ण सुरक्षा हमें दी गयी थी. *"HWPL H.Q. Korea"* संस्थान द्वारा दक्षिण कोरीया में हुये *"विश्व शांति परिषद"* का भी निमंत्रण दो - तिन साल पहले था. परंतु वहां *"संशोधन पेपर"* सादरीकरण समान संदर्भ दिखाई नही दिया. विश्व के बहुत सें *"देशों के मान्यवर"* सदर शांति परिषद में सहभागी थे. परंतु *दक्षिण कोरीया* की आंतरराष्ट्रिय परिषद केवल *"सांस्कृतिक परिषद"* ही दिखाई दी थी. *नयी दिल्ली* में हुयी *"HWPL विश्व शांति परिषद"* के बारें में, *"ना कहे तो ही अच्छा है."* मैने कोरीया आयोजकों को मेरी नाराजगी बताते हुये, *"संशोधन पेपर"* सादरीकरण / *"विश्व शांति"* के हेतु आऊट पुट हल शोधने की बात भी *लिखित* में कही. अगर यह संभव ना हो तो, *"कृपया मुझे निमंत्रीत ना करे,"* यह बात भी मैने कही थी. *HWPL HQ. Korea* तथा मेरी संघटन *CRPC HQ India* उनकी संयुक्त विद्यमान में आँनलाईन *"आंतरराष्ट्रिय शांती परिषद"* का आयोजन *मेरे गाईड लाईन"* मे किया गया था. जो उच्च कोटी की बडी सफल परिषद रही थी. क्यौं कि, जब अपना समय अंतरराष्ट्रिय परिषदों में देते है, तब *"आऊट पुट हल"* भी बहुत ही जरुरी विषय है. फरवरी २०१८ में *"आंध्र प्रदेश"* सरकार के मुख्यमंत्री *चंद्रबाबु नायडु* इनके मार्गदर्शन में, *"विश्व शांति अमरावती बुध्द महोत्सव"* का आयोजन किया गया था. तब आंध्र प्रदेश सरकार ने *"मुझे"* निमंत्रण के साथ साथ ही *"तिन बस"* की व्यवस्था कर, बुध्द भिक्खु वर्ग को लाने की भी जिम्मेदारी मुझे दी गयी थी. वह महोत्सव भी बडा ही सफल रहा था. मेरी राष्ट्रिय संघटन *"सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल"* द्वारा बहुत से राष्ट्रिय / आंतरराष्ट्रिय परिषदों का आयोजन तथा *"विश्व शांति रँली"* का भी आयोजन किया गया है. *"राष्ट्रिय / आंतरराष्ट्रिय परिषद"* इसका आयोजन करते समय, *आयोजकों के पास वह दृष्टी"* होना भी बहुत जरुरी है. विश्व के विभिन्न विद्यापीठों में विभिन्न विषयों पर भी *"संशोधन"* हो रहे है. और हम भविष्य में *"विश्व शांति"* की अपेक्षा करे तो, वह कोई अतिशयोक्ति नही होगी.


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▪️*डा. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*

      नागपुर दिनांक १२ सितंबर २०२६