Thursday, 14 September 2023

 ➿ *डॉ. मिलिन्द जीवने इन्हे दक्षिण कोरीया में आयोजित विश्व शांती शिखर परिषद का निमंत्रण...!*


     दक्षिण कोरीया मुख्यालय स्थित *एच. डब्लु. पी. एल.‌* (HWPL H.q. Korea) इस आंतरराष्ट्रिय संघटन द्वारा सेवुल शहर में आयोजित,*"9वे विश्व शांती शिखर परिषद 2023"* का निमंत्रण, सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल के राष्ट्रिय अध्यक्ष तथा सीआरपीसी ॲडव्होकेट विंग / सीआरपीसी वुमन विंग / सीआरपीसी एम्प्लॉईज विंग / सीआरपीसी ट्रायबल विंग / सीआरपीसी वुमन क्लब के पेट्रान *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* इनको मिला है. एचडब्लुपीएल यह संघटन UN Department of Public Information (DPI) / UN ECOSOC Special Consultative Status / Seoul Metropolitan Government से जुडी है.‌तथा International Peace Youth Group (IPYG) / International Women Peace Group (IWPG) / WARPO / Religious Peace Academy (RPA) यह संघटन भी उस आंतरराष्ट्रिय संघटन के भाग है.

     सेवुल, कोरीया में होने जा रहा 4 दिवसीय शांती सम्मेलन 18 सितंबर से 21 सितंबर तक चलेगा.‌ उस शिखर सम्मेलन में *"विश्व में शांती की स्थापना करना तथा युध्द बंदी"* पर, आंतरराष्ट्रिय विशेषज्ञ सहभाग ले रहे है. डॉ जीवने इस निमंत्रण पर सीआरपीसी के *सुर्यभान शेंडे / शंकरराव ढेंगरे / एड. एम. बी. पराते / प्रा. नितिन तागडे / एड. सी. एफ. भागवानी / एड. विष्णु पानतावणे / डॉ. प्रमोद चिंचखेडे / डॉ.  मनिषा घोष / डॉ. भारती लांजेवार / इंजी. विजय बागडे / इंजी. शिलकुमार गोस्वामी / इंजी. श्रीकांत तुपकर / इंजी. माधवी जांभुलकर / रवी पाटील / विजय भैसारे / प्राचार्य एस. आर. शेंडे / डॉ. ‌राजेश नंदेश्वर / सरदार कर्नलसिंग दिगवा / साधना सोनारे / अमिता फुलकर / संध्या सोमकुवर / एड. राखी आहुजा* आदी पदाधिकारी वर्ग ने अभिनंदन किया है.

Wednesday, 13 September 2023

Er. Vijay Shravan Bagde posted National Chairman of CRPC Trade & Commerce Wing.

 🤝 *इंजी. विजय बागडे की सिव्हिल राईट्स  प्रोटेक्शन सेल (ट्रेड एंड कॉमर्स विंग) के राष्ट्रिय अध्यक्ष पद पर नियुक्त.*


      सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल (सी. आर. पी. सी.) सलग्न *"सी.आर.पी.सी. ट्रेड एंड कॉमर्स विंग"* (CRPC Trade & Commerce Wing) के  *"राष्ट्रिय अध्यक्ष"* पद पर *इंजी.‌ विजय श्रावणजी बागडे*  इनकी नियुक्ति, सी. आर‌. पी. सी. राष्ट्रिय अध्यक्ष *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* इनकी सुचना पर, सीआरपीसी के राष्ट्रिय सचिव आयु. *एन. पी. जाधव* (माजी उप - जिल्हाधिकारी) / *एड.‌ मनोज साबळे* (माजी जनरल सेक्रेटरी, डी.बी.ए. नागपुर) तथा *सुर्यभान शेंडे* (नामांकित कवि - गीतकार) इन्होने की है. सदर नियुक्ती की सुचना सीआरपीसी के राष्ट्रिय अध्यक्ष तथा सीआरपीसी ॲडव्होकेट विंग / सीआरपीसी ट्रेड एंड कॉमर्स विंग / सीआरपीसी वुमन विंग / सीआरपीसी एम्प्लॉईज विंग / सीआरपीसी ट्रायबल विंग / सीआरपीसी वुमन क्लब के संस्थापक - राष्ट्रिय पेट्रान *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* इन्हे भेज दी है. *यह विंग "ट्रेड एंड कॉमर्स" में जुडे लोगों की समस्या सुलझाने, तथा "नविन उद्दोजक" बनने में मार्गदर्शन करेगा.* बागडे जी के इस नियुक्ती पर, सी.आर.पी.सी. के समस्त पदाधिकारी वर्ग ने बागडे जी का अभिनंदन किया है.

Tuesday, 12 September 2023

 ➿ *डॉ. मिलिन्द जीवने इन्हे दक्षिण कोरीया में आयोजित विश्व शांती शिखर परिषद का निमंत्रण...!*


     दक्षिण कोरीया मुख्यालय स्थित *एच. डब्लु. पी. एल.‌* (HWPL H.q. Korea) इस आंतरराष्ट्रिय संघटन द्वारा सेवुल शहर में आयोजित,*"9वे विश्व शांती शिखर परिषद 2023"* का निमंत्रण, सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल के राष्ट्रिय अध्यक्ष तथा सीआरपीसी ॲडव्होकेट विंग / सीआरपीसी वुमन विंग / सीआरपीसी एम्प्लॉईज विंग / सीआरपीसी ट्रायबल विंग / सीआरपीसी वुमन क्लब के पेट्रान *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* इनको मिला है. एचडब्लुपीएल यह संघटन UN Department of Public Information (DPI) / UN ECOSOC Special Consultative Status / Seoul Metropolitan Government से जुडी है.‌तथा International Peace Youth Group (IPYG) / International Women Peace Group (IWPG) / WARPO / Religious Peace Academy (RPA) यह संघटन भी उस आंतरराष्ट्रिय संघटन के भाग है.

     सेवुल, कोरीया में होने जा रहा 4 दिवसीय शांती सम्मेलन 18 सितंबर से 21 सितंबर तक चलेगा.‌ उस शिखर सम्मेलन में *"विश्व में शांती की स्थापना करना तथा युध्द बंदी"* पर, आंतरराष्ट्रिय विशेषज्ञ सहभाग ले रहे है. डॉ जीवने इस निमंत्रण पर सीआरपीसी के *सुर्यभान शेंडे / शंकरराव ढेंगरे / एड. एम. बी. पराते / प्रा. नितिन तागडे / एड. सी. एफ. भागवानी / एड. विष्णु पानतावणे / डॉ. प्रमोद चिंचखेडे / डॉ.  मनिषा घोष / डॉ. भारती लांजेवार / इंजी. विजय बागडे / इंजी. शिलकुमार गोस्वामी / इंजी. श्रीकांत तुपकर / इंजी. माधवी जांभुलकर / रवी पाटील / विजय भैसारे / प्राचार्य एस. आर. शेंडे / डॉ. ‌राजेश नंदेश्वर / सरदार कर्नलसिंग दिगवा / साधना सोनारे / अमिता फुलकर / संध्या सोमकुवर / एड. राखी आहुजा* आदी पदाधिकारी वर्ग ने अभिनंदन किया है. 

Saturday, 9 September 2023

 🇮🇳 *भारत की राजनीति में इंडिया को नकारना, क्या भारत राष्ट्रवाद की पहल है या राजनीति का नंगापण...?* राहुल गांधी से लेकर नरेंद्र दामोधरदास मोदी तक हिंदुस्तान (अस्तित्वहिन देश) की अनैतिक राजनीति...!

  *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य',* नागपुर १७

राष्ट्रिय अध्यक्ष, सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल (सी. आर. पी. सी.)

मो. न. ९३७०९८४१३८, ९२२५२२६९२२


       संघवाद के सर्वेसर्वा *मोहन भागवत* का गुवाहटी (असम) का वह भाषण मैने सुना है, जहांं डॉ. भागवत कह रहे थे कि, *"इंडिया के बदले भारत शब्द का प्रयोग करे. इंडिया यह शब्द गुलामी का प्रतिक है."* वही नागपुर आने पर, पत्रकारों ने पुछे सवाल पर, वे कन्नी भी काट गये है. अपने विवादीत बयाण पर कन्नी काटनां, यह तो भारत के राजकिय नेता हो या, संघप्रमुख हो, उनकी यह फितरत ही रही है. और *UNO* के सरचिटणीस *अँटोनियो गुटेरस* के प्रवक्ता *फरहान हक* ने एक बयाण में कहा कि, *"इंडिया का नाम बदलकर भारत होता है, और भारत ये विनंती करता हो तो, उसका विचार किया जाएगा."* यह बयाण इतना सरल नही है. भारत में अशांती बिजों का, वह वृक्षरोपन है. अब यह भी अहं सवाल है कि, *"भारत की आझादी हो या संविधान संस्कृति (संस्कृति संविधान नही), इसमे संघ का क्या योगदान है ?"* "भारत राष्ट्रवाद" के प्रति, उनका असली रूख क्या रहा है ? या भारत आजादी के ७५ साल होने के बाद भी, *"भारत राष्ट्रवाद मंत्रालय एवं संचालनालय"* ना बनाने के पिछे की, उनकी असली मंसा क्या रही है ? *चक्रवर्ती सम्राट अशोक का अखंड - विकास भारत को, गुलाम भारत / खंड - खंड भारत / अविकसित भारत"* करनेवाले, उनके सवर्णवादी वंशजों की, अखंड भारत देश से गद्दारी, क्या वे दोहरा रहे है ? भारत आझादी के पहले, *"ब्रिटन के महाराणी"* को सलाम ठोकणेवाले, वो गद्दार कौम कौन है ? *नरेन्द्र मोदी / अमित शहा* समान, अविचारविद गधों के हात में, भारत की राजसत्ता सौपने के पिछे, सही राजनीति क्या है / थी ? भारत को *"हिंसक राजनीति"* में, ढकेलने की राजनीति क्या रही है ? इन तमाम प्रश्नों के उत्तरों पर, हमे सोचना बहुत जरूरी है ? यह संशोधन का बडा विषय है.

    मै पिछले ३ - ४ दिनों से, इस विषय पर लिखने का प्रयास कर रहा हुं.‌ परंतु मेरी बडी व्यस्तता के कारण, यह संभव नही हो पाया. आखिर आज उस विषय को, मैने शब्द रुप में ढाल ही दिया है. *"भारत - इंडिया"* यह विषय, हम समझ रहे है उतना तो सरल (?) भी नही है. *"जी - २० शिखर परिषद"* का यजमान पद, भारत के पास है. *नरेंद्र मोदी* उसके प्रमुख भी है. वही *सोवियत रशिया* के अध्यक्ष *ब्लादिमीर पुतिन* और *चायना* के अध्यक्ष *शि जिनपिंग* ने, इस परिषद मे व्यक्तिशः ना आकर अपने प्रतिनिधी को भेजकर, एक प्रकार से *"जी - २० शिखर परिषद"* हवा ही निकाल दी. शायद चायना द्वारा आयोजित *"One Belt One Road (OBOR)"* परिषद में, भारत ने बहिष्कार किया था. उसका वह बदला हो. विश्व के तमाम देश प्रमुख, उस परिषद में सहभागी थे.  OBOR कहे या अब का *"The Belt Road Initiative (BRI)"* इस चायना प्रोजेक्ट ने, विश्व के सभी देशों को रोड से जोडा है. भारत के करिबी देश - *श्रीलंका, नेपाल, बांगला देश, म्यानमार* आदी देश चायना के साथ जुडे है. भारत का पडोसी मित्र देश कौन ? यह प्रश्न है. और चायना ने *अमेरिका* को भी पुरा जता दिया है की, तुम्हारी दादागिरी अब चलनेवाली नही है. अमेरिकी अध्यक्ष *जो बायडन* भी कुछ नही कर सका. लाचार दिखाई देता है. वही नरेंद्र मोदी सरकार ने, अभी अभी हुये *"संसद सत्र"* को एक महिना भी नही हुआ, वही १८ - २३ सितंबर को, संसद का *"विशेष अधिवेशन"* बुलाया गया है.‌ *"कार्यक्रम विषय पत्रिका"* का पता नही. महत्वपुर्ण विषय यह कि, नरेंद्र मोदी सरकार ने *"नये संसद भवन"* का उदघाटन, बडे थाटमाट से - धार्मिक वातावरण में किया था. परंतु एक महिने पहिले का अधिवेशन और अभी का विशेष अधिवेशन, *"पुराने संसद"* में ही होना, इसे भी हमे समझना होगा. क्या इन महारथींयों को, *"नये संसद भवन"* मे , कोई बडा दोष (?) दिखाई दे रहा है ? यह भी अहं प्रश्न है.

      भारत की राजनीति भी बडी अजिबो गरिब है. सन २०१४ साल का *"लोकसभा चुनाव,"* कांग्रेस की अनीति और नरेंद्र मोदी के बडे लुभावने वादों का नजराना था. सन २०१९ का *"लोकसभा चुनाव"* नरेंद्र मोदी के "पुलवामा कांड" का परिपाक था. साथ में *"हिंदुत्व - रामजन्मभूमी - भ्रष्टाचार"* यह भाजपा नारा भी रहा था. आज वे इश्यु भाजपा को साथी नही रहे. नरेंद्र मोदी के *"गुंडा राज - धमकी राज - भांडवलशाही - भ्रष्टाचार राज"* ने, भारत के सभी रिकार्ड तोड डाले. वही नरेंद मोदी ने, तिसरी बार *"प्रधानमन्त्री बनने का बाशिंग"* बांधकर रखा है. कोई इश्यु काम का नजर ना आने से, *"जी 20 शिखर परिषद / चंद्रयान / समान नागरी संहिता"* भी तारने के स्थिती में ना होने के कारण, *"इं.डि.या. गठबंधन"* मोदी पर भारी पडने के कारण, *"भारतीय संविधान"* के आर्टिकल १ में लिखा हुआ *"India, that is Bharat shall be a Union of States"* पर, एक नया दाव खेला गया. *"देश का नाम बदलना, इतना सहज विषय नही है. और देश का नाम बदलने पर, करोडो रुपयों का खर्च भी जुडा हुआ है."* भारत आज विदेशी बैंको के कर्ज में डुबा है. महंगाई आसमान छु रही है. तब देश का नाम बदलना ??? ऐसा भी नही कि, नरेंद्र मोदी ने *"इंडिया"* इस शब्द को उछाला नही है. Skilled India / Startup India से लेकर बहोत सारे *"इंडिया"* नाम से योजना, नरेंद्र मोदी सरकार ने लागु की है. तब *"इंडिया"* शब्द अंग्रेज गुलामी का प्रतिक नही था. बस, वह शब्द आज ही अंग्रेज के गुलामी की याद कर गया. *"अखंड भारत को गुलाम बनानेवाली, यही तो गद्दार कौम की वह औलाद है."* फिर किस नाक से, भारत पर हक जता रही है. यह प्रश्न है.

     तमिलनाडु राज्य के मुख्यमंत्री *एम. के. स्टँलिन* के बेटे *उदयनिधी* ने, *"सनातन धर्म का निर्मुलन"* करने का एक बयान देने पर, माजी न्यायामुर्ती और नोकरशहा-सह २६२ लोगों ने, *सरन्यायाधीश - धनंजय चंद्रचूड* को एक पत्र लिखकर, कारवाई की मांग की थी. *"जब भारत का संविधान जलाया गया / मणिपुर के महिलाओं की नग्न धिंड निकाली गयी / उत्तर प्रदेश में शोषित वर्ग के महिला पर बलात्कार हुआ था",* तब ये कमिने लोग किस बिल में छुपे हुये थे. यह अहं प्रश्न है. किसी भी धर्म के अपमान का, समर्थन नही किया जा सकता. वही *"इंडिया"* इस विवादित बयाण में, देश का वातावरण गरम होने पर, अब संघवादी नेता *मोहन भागवत* ने, *"मागासवर्ग आरक्षण की आवश्यकता"* का नया दाव खेला है. और *"इंडिया"* यह विवादीत विषय को, थंडा करने का प्रयास किया है. *"राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ"* (RSS) में बिखराव होना / तुटना, ना के बराबर है. केवल *गोवा* में वह संघटन तुट जाना, यह छोडा जाए तो, इस प्रकार का बिखराव नही दिखाई देता. यही बात *भाजपा* की है. *नरेंद्र मोदी /अमित शहा* के विरोध में, *नितिन गडकरी / योगी आदित्यनाथ / वसुंधरा राजे सिंधिया* इन नेताओं को छोडा जाए तो, बहुत सारे ऐसे नरेंद्र मोदी विरोधी नेता, नरेंद्र मोदी को पुरे सरेंडर हो गये है. *अटलबिहारी बाजपेयी* ने अपनी राजनीति में, संघवाद को कभी भी, अपने आप पर हावी नही होने दिया. *नरेंद्र मोदी* ने तो, अटलबिहारी बाजपेयी का वह रिकार्ड भी तोड डाला है. नरेंद्र मोदी का राजकिय गुरु - *लालकृष्ण अडवानी* ने, उसे *"अटल कोप"* से बचाया था. नरेंद्र मोदी ने तो अपने गुरु - लालकृष्ण अडवानी को ही पटकनी दी है. *"अत: हमे बहुत सजग रहना जरुरी है. ‌कौन कब - क्या और कैसी पटकनी देगा ???"* और गुरु का / गॉड फादर का अपमान, कब - कैसे - कहां होगा ? यह भी समझना इतना आसान नही है...!!!


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नागपुर, दिनांक ८ सितंबर २०२३

Wednesday, 6 September 2023

 👌 *बुध्द पथ...!!!*

       *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य*

       मो. न. ९३७०९८४१३८


मन‌ के मंदिर में

तुम स्वयं को 

खोजते रहते हो

सत्य - प्रेम - मैत्री - बंधुता

अहिंसा - करुणा भाव का

बुध्द पथ...!

और तुम स्वयं को

उससे बहुत दुर पाते हो

असत्य - मक्कारी - धोका 

इन अमुल्यों के सहारे

बडा भी होना चाहते हो

पर निद्रा नाश...?

वही पिछे लौटने की ईच्छा

आज तुम याद करते हो

किनारा नही दिखाई देता 

ना ही हिम्मत होती है

अब तुम स्वयं उस ओर बढो

सत्य पथ...! बुध्द पथ...!!!


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नागपुर, दिनांक ६ /०९/ २०२३

Monday, 4 September 2023

HWPL Chairman Man Hee Lee of Korea declare Dr. Babasaheb Ambedkar International Award 2023

 🏆 *दक्षिण कोरिया के मैन ही ली इनको डॉ. बी. आर. आंबेडकर आंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जाहिर...!*


     नागपुर मुख्यालय की संघटना *जीवक वेलफेयर सोसायटी* द्वारा, इस वर्ष को *"डॉ. बी. आर. आंबेडकर आंतरराष्ट्रिय पुरस्कार 2023"* यह, HWPL इस आंतरराष्ट्रिय शांती संघटन के अध्यक्ष, *मा. मैन ही ली* (Man Hee Lee) इनको जाहिर हुआ है.‌ इन्होने *"द्वितिय विश्व महायुध्द"* देखा है. उन्हे कोरीया युध्द की बहुत अनुभुती भी रही है. उन्होने १०० से अधिक देशो में भ्रमण किया है. तथा विश्व में शांती के लिए, विभिन्न देशों के प्रमुख, राजनीतिज्ञ, अनेक आंतरराष्ट्रिय संघटन, कानुनी विशेषज्ञ, धार्मिक नेता, नागरी संघटन, युवा तथा महिला संघटनो से भेट ली है. शांती पर चर्चा की है. २४ जनवरी २०१४ में, फिलिपिन्स - मिन्डंगो इन देशों के बिच हुये, शांती करार के समय, उनका सहभाग रहा है. उनका एच.डब्लु.पी.एल. शांती घोषणापत्र समय अमेरिका, चायना, फिलिपिन्स, दक्षिण आफ्रिका आदी कुछ देशों सें संबंध आया है. विभिन्न ५३ देशों के ४०४ शैक्षणिक संस्थाओं के साथ उन्होने *"Memorandum of Agreement (MOA) तथा Memorandum of Understanding (MOU)"* पर हस्ताक्षर किये है.  Universities Isam Negeri (UNI) in Jakarta, Indonesia  का मानद अध्यक्ष पद से नवाजा है. १९ जनवरी २०१६ को महात्मा गांधी फांऊडेशन दिल्ली ने, उन्हे *"महात्मा एम.‌ के. गांधी शांती पुरस्कार"* से सन्मानित किया गया. नागपुर (म.रा.) की *"जीवक वेलफेयर सोसायटी"* की ओर से, उन्हे *"डॉ. बी. आर. आंबेडकर आंतरराष्ट्रिय पुरस्कार २०२३"* से , दक्षिण कोरिया में दिनांक १८ - १९ - २० - २१ सितंबर २०२३ को होनेवाली, *"९ वे विश्व शांती शिखर सम्मेलन"* (World Peace Summit) में, संघटन के अध्यक्ष *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* इनको हाथो नवाजा जाना है. जीवक वेलफेयर सोसायटी / अश्वघोष बुध्दीस्ट फाऊंडेशन के आंतरराष्ट्रिय पुरस्कार से, आज तक *परम पावन बुध्द मैत्रेय* (अमेरीका) / कोरीया की सोनीया गांधी भी उन्हे कह सकते है वे *मदर पार्क सुंग सु* / नागपुर के *भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई* / श्रीलंका के महाबोधी सोसायटी के माजी अध्यक्ष *भदंत सोमरतन महाथेरो* / १७ वे परम पावन *कर्माप्पा त्रिनले दोरजे* (सिक्किम) / तिब्बती ३७ वे *ड्रायकंग कैबगन चेटसंग* / महाबोधी सोसायटी आफ श्रीलंका के अध्यक्ष *बनागल उपतिस्स नायका महाथेरो* / महाबोधी सोसायटी लद्दाख के अध्यक्ष *संघसेन* / थायलंड की भिख्खुणी *चाट्सुमर्न कबिलसिंग* उर्फ *धम्मानंदा* आदी मान्यवरों को भी सन्मानित किया जा चुका है.

Saturday, 2 September 2023

 👌 *HWPL (H.Q.: Korea) इस विश्व स्तरीय आंतरराष्ट्रिय संघटन की ओर से, २ सितंबर २०२३ को झुम पर आयोजित, "विश्व शांती शिखर सम्मेलन" इस विषय पर, "आंतरधर्मीय परिसंवाद" कार्यक्रम...!*

* *डा. मिलिन्द जीवने,* अध्यक्ष - अश्वघोष बुध्दीस्ट फाऊंडेशन, नागपुर *(बुध्दीस्ट एक्सपर्ट / फालोवर)* इन्होंने वहां पुछें एक प्रश्नों पर, इस प्रकार उत्तर दिये...!!!


* प्रश्न - १ :

* *अन्य धर्मों के बारे में सीखने की आवश्यकता के कारण पर कृपया हमें अपनी राय बताएं. इसके अलावा, क्या आप के धर्मग्रंथ में अन्य धर्मों के साथ बातचीत और उनके बारें में सीखने का कोई रिकार्ड है ? यदी हां, कृपया उन्हे भी प्रस्तुत करें.*

* उत्तर : - भारत में हो या विश्व में, विभिन्न धर्म / संप्रदाय विद्यमान है. सभी धर्म के आचार - विचार - संस्कार विधी - कार्यपध्दती आदी अलग अलग है. और यह विभिन्नता होकर भी, विभिन्न धर्म के लोग यह एक संघ देश हो, राज्य हो, शहर हो, गाव हो, वहां‌ एकसाथ मिलकर रहते है. जिसे हम "विभिन्नता में एकता" भी कहते है.

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जब हम "विभिन्नता में एकता" की बातें करते है.‌ एक राष्ट्र होने की बातें करते है. क्यौ की, आवाम के एकसाथ होने से ही राष्ट्र बनता है.‌ तब हमें उन विभिन्न धर्मो को समझना बहुत जरुरी होता है. जो हमें एक सुत्र में बांधने में कारगीर होता है. हमे एकमेक को समझने में आसान भी होता है.

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अन्य धर्म में, आदमीयों के आचार - विचार - संस्कार के बारे में क्या लिखा है ? और उससे क्या प्रेम - बंधुता - मित्रता की जोपासना कर रहे है ? यह बहुत बडा प्रश्न है. धर्म की व्याख्या भी एक नही दिखाई देती. बहुत अर्थों में वह विद्यमान है. धर्म का अर्थ - धारण करना भी कहा जाता है.‌ परंतु क्या धारण करना है ? यह भी प्रश्न है. क्या धर्म यह उच - निच भाव सीखाता है ? यह केवल एक प्रश्न ना रहते हुयें, वह एक समस्या भी बन चुकी है.‌ धर्म के कारण भेदाभेद चरम सीमा पर, पहुचें हुये‌ दिखाई‌ देता  है.‌

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भारत के संदर्भ में कहा जाए तो, बुध्द काल हो चक्रवर्ती सम्राट अशोक का युग यह स्वर्ण युग कहा जाता है. मानवता का युग कहा जाता है.‌ स्वातंत्र - समता - बंधुता - न्याय का युग कहा जाता है. अखंड विकास भारत का युग कहा जाता है. शांती का युग कहा जाता है. बुध्द काल के, पहले वैदिक धर्म / ब्राम्हणी धर्म ने, भारत को उच्च निच भेदाभेद में उलझा रखा था. वो अशांती का युग था. ब्राम्हणी सेनापती पुष्यमित्र शृंग ने, सम्राट अशोक के नाती ब्रृहदत्त की हत्या कर, भारत में अशांती, गुलामी की निव रखी थी. जो भारत के लिए शर्मसार घटना थी.

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विशाल अखंड विकास भारत, चक्रवर्ती सम्राट अशोक के काल में, आज का भारत, पाकिस्तान, बांगला देश, नेपाल, अफगानिस्तान, तिब्बत, म्यानमार, श्रीलंका तक फैला हुआ था. आज वो खंड खंड और गुलाम - अविकसीत भारत दिखाई देता है. अशांत भारत दिखाई देता है. स्वातंत्र - समता - बंधुता - न्याय का अभाव दिखाई देता है. अत: हमे भारत का यह इतिहास समझना बहुत जरूरी है.

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भारत के संदर्भ में, हिंदु यह धर्म है या नहीं ? यह विवाद का विषय है. डॉ. आंबेडकर इन्होने हिंदु धर्म के बारें में कहा कि, "पहले से ही भारत में हिंदु धर्म था, यह विचार मुझे मंजुर नही. हिंदु धर्म तो सबसे अंत में, विचारों के उत्कांती के पश्चात, वह निर्माण हुआ है. वैदिक धर्म के प्रचार के बाद, भारत में तिन बार धार्मिक परिवर्तन दिखाई देते है. वैदिक धर्म का रुपांतर ब्राम्हण धर्म में, और ब्राम्हण धर्म का रुपांतर यह हिंदु धर्म में हुआ है." (कोलंबो, ६ जुन १९५०) भारत का सनातन धर्म, यह तो केवल ब्राम्हणी धर्म का दुसरा रुप है. और इसके बिना उसका दुसरा अस्तित्व नही है. जो प्राचिन विषमता, अशांती, अन्याय, गुलामी का बोध कराता है.

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भगवान बुध्द ने बुध्दगया में ज्ञानप्राप्ति होने के बाद, सारनाथ में पांच ब्राम्हण शिष्य को उपदेश किया. और उसे "धम्मचक्कपवत्तन" कहा जाता है.‌ बुध्द ने वह उपदेश दो भागो में दिया है.

* धम्मचक्कपवत्तन सुत्त

* अनत्तलक्खण सुत्त

और अनत्तलक्खण सुत्त का प्रथम प्रवचन चार आर्यसत्य (अरियसच्च) पर है, और वह बुध्द धर्म का आधार है. दुसरा प्रवचन अनात्म लक्षण सुत्र है, जहां तिन बाते बताई है.

* अनिच्च (अनित्य) (Doctrine of impermanence) - अर्थात कोई भी चिज सनातन नही है.

* दुक्ख (Doctrine of Sufferring) - दु:ख का अस्तित्व है.

* अनत्ता (अनात्म) (Doctrine of Non-Self) - आत्मा का अस्तित्व नकारा है. वक्त के अभाव के कारण, इस पर चर्चा फिर कभी करेंगे.

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बुध्द ने उसी प्रवचन में, पवित्र मार्ग में उत्तम जीवन के पाच मापदंड बताये है. जो हमे इसी मापदंड को सभी धर्म में देखना है. वो पाच मापदंड है -

१. कोई भी प्राणी की हिंसा ना करना.

२. चोरी ना करना.

३. व्यभिचार ना करना.

४. असत्य ना बोलना.

५. मादक वस्तुओं का सेवन ना करना.

    इन पाच मापदंड को, बुध्द के "पंचशील" भी कहते है.

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बुध्द ने सम्यक जीवन के लिए,  "अष्टांग मार्ग" भी बताया है. जीसे हमे, विश्व के सभी धर्म कें संदर्भ में, अध्ययन करना होगा.

१. सम्यक दृष्टी  २. सम्यक संकल्प  ३. सम्यक वाणी  ४. सम्यक कर्मांत  ५. सम्यक आजिविका  ६. सम्यक व्यायाम  ७. सम्यक स्मृति  ८. सम्यक समाधी. 

वक्त के अभाव में, इस विषय पर चर्चा फिर कभी करेंगे

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बुध्द ने ऋषीपतन में रहते समय अपने साठ भिक्खू संघ को, जो अर्हत थे, उनको उपदेश देते हुये कहा कि - 

*चरथ भिक्खवे चारिकं, बहुजनहिताय बहुजनसुखाय, लोकानुकंपाय अत्थाय, हिताय,  सुखाय देवमनुस्सानं, देसेत्थ भिक्खवे धम्मं आदि कल्याणं मज्झेकल्याणं परियोसान कल्याणं, सात्थं सव्यंजनं केवल परिपुण्णं परिसुध्दं ब्रम्हचरियं पकासेथ."*

(अर्थात - बहुजन के हित के लिए, बहुजन के सुख के लिए, लोगों पर अनुकंपा कर, देव लोग और मनुष्यों के कल्याण के लिए, धम्मोपदेश कर भ्रमण करो. प्रारंभ में कल्याणप्रद, मध्य मे कल्याणप्रद, अंत में कल्याणप्रद इस धर्म मार्ग का अर्थ और भावसहित परिशुध्द ऐसे धर्म का, ब्रम्हचर्य रखकर प्रकाशमान करो.)

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बुध्द ने अपने इस संबोधन के माध्यम से, विश्व के तमाम धर्म के विचारविदों को, अपने धर्म का प्रवचन देकर प्रेम - मैत्री - करुणा का उपदेश दिया. विश्व शांती का संदेश दिया. जो विश्व के सभी धर्मों के प्रचारकों को समझना बहुत जरुरी है.


* * * * *  * * * * * * * *

* परिचय : -

* *डाॅ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*

    (बौध्द - आंबेडकरी लेखक /विचारवंत / चिंतक)

* मो.न.‌ ९३७०९८४१३८, ९२२५२२६९२२

* राष्ट्रिय अध्यक्ष, सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल

* राष्ट्रिय पेट्रान, सीआरपीसी वुमन विंग

* राष्ट्रिय पेट्रान, सीआरपीसी एम्प्लाई विंग

* राष्ट्रिय पेट्रान, सीआरपीसी ट्रायबल विंग

* राष्ट्रिय पेट्रान, सीआरपीसी वुमन क्लब

* अध्यक्ष, जागतिक बौध्द परिषद २००६ (नागपूर)

* स्वागताध्यक्ष, विश्व बौध्दमय आंतरराष्ट्रिय परिषद २०१३, २०१४, २०१५

* आयोजक, जागतिक बौध्द महिला परिषद २०१५ (नागपूर)

* अध्यक्ष, अश्वघोष बुध्दीस्ट फाऊंडेशन नागपुर

* अध्यक्ष, जीवक वेलफेयर सोसायटी

* माजी अध्यक्ष, अमृतवन लेप्रोसी रिहबिलिटेशन सेंटर, नागपूर

* अध्यक्ष, अखिल भारतीय आंबेडकरी विचार परिषद २०१७, २०२०

* आयोजक, अखिल भारतीय आंबेडकरी महिला विचार परिषद २०२०

* अध्यक्ष, डाॅ. आंबेडकर आंतरराष्ट्रिय बुध्दीस्ट मिशन

* माजी मानद प्राध्यापक, डाॅ. बाबासाहेब आंबेडकर सामाजिक संस्थान, महु (म.प्र.)

* आगामी पुस्तक प्रकाशन :

* *संविधान संस्कृती* (मराठी कविता संग्रह)

* *बुध्द पंख* (मराठी कविता संग्रह)

* *निर्वाण* (मराठी कविता संग्रह)

* *संविधान संस्कृती की ओर* (हिंदी कविता संग्रह)

* *पद मुद्रा* (हिंदी कविता संग्रह)

* *इंडियाइझम आणि डाॅ. आंबेडकर*

* *तिसरे महायुद्ध आणि डॉ. आंबेडकर*

* पत्ता : ४९४, जीवक विहार परिसर, नया नकाशा, स्वास्तिक स्कुल के पास, लष्करीबाग, नागपुर ४४००१७