Saturday, 3 August 2019

🌹 *वो प्यारे फुल सावन का...!*
       *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य', नागपुर*
        मो. न. ९३७०९८४१३८

वो प्यारे फुल सावन का
बुद्ध मन ही तराना है...

ये संसार के जीवन का
मानव ही तो खजाना है
ये बाटें हुये जीगर का
तुम ही तो वो खुराना है...

यहां प्रेम के प्रतिक का
फुल ही तो वो नजारा है
तोडे मन उस भाव का
जोडने का वो सहारा है...

तितली के वों प्यार का
ये फुल ही तो अंकुर है
वो नया जनम लेने का
वही तो एक गागर है...

* * * * * * * * * * * * *

No comments:

Post a Comment