🐰 *सत्य की ये हार मै स्वीकार करता हुं...!*
*डॉ. मिलिन्द जीवने ''शाक्य'*, नागपुर
मो. न. ९३७०९८४१३८
ये व्यवस्था में बदलाव, कोई सहज नही
इस मोटीले खाल को, अगर छेदना है तो
हमे जोश मे नही, होश से काम करना है
अत: सत्य की ये हार, मै स्वीकार करता हुं...
कब तक हम, तिव्र क्रांती की बाता करे
यहां तो क्रांती ही, पुर्णत: मिटा दी जाती है
बुध्द शांती मिशन को, ना हम समझ पाये
अत: दिशाहिन नाद को, मै स्वीकार करता हुं...
नया चिंतन करने, बहुत दुर जाने का मन है
केवल शांती ही साथ हो, मेरे उस मिशन में
विजय की उस खोज में, वो लिखाण करना है
अत: सत्य की ये हार, मै स्वीकार करता हुं...
* * * * * * * * * * * * * * * * * *
*डॉ. मिलिन्द जीवने ''शाक्य'*, नागपुर
मो. न. ९३७०९८४१३८
ये व्यवस्था में बदलाव, कोई सहज नही
इस मोटीले खाल को, अगर छेदना है तो
हमे जोश मे नही, होश से काम करना है
अत: सत्य की ये हार, मै स्वीकार करता हुं...
कब तक हम, तिव्र क्रांती की बाता करे
यहां तो क्रांती ही, पुर्णत: मिटा दी जाती है
बुध्द शांती मिशन को, ना हम समझ पाये
अत: दिशाहिन नाद को, मै स्वीकार करता हुं...
नया चिंतन करने, बहुत दुर जाने का मन है
केवल शांती ही साथ हो, मेरे उस मिशन में
विजय की उस खोज में, वो लिखाण करना है
अत: सत्य की ये हार, मै स्वीकार करता हुं...
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