🌳 *औदुंबर तु तो मेरे आँगण में !*
*डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*
मो.न. ९३७०९८४१३८
औदुंबर तु तो मेरे आँगण में
बुध्दमय छाया में बसते जाना ...
जलधारा विवाद शाक्य राज में
राजपाट सिध्दार्थ का छोड जाना
औदुंबर गोद की उस छाया में
ज्ञान बोध का प्र-पादान हो जाना ...
शरीर मन के एकाग्र भाव में
सुजाता ने खीर दान कर जाना
कठोरमय उस महा ध्यान में
गया के ओर बुध्द का बढ जाना ...
पिपल वृक्ष की सु-बुध्द छाया में
गया ग्राम का बुध्दगया हो जाना
तथागत के बोधिवृक्ष धारा में
सिध्दार्थ ने बुध्दत्व ज्ञान पा जाना ...
*डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*
मो.न. ९३७०९८४१३८
औदुंबर तु तो मेरे आँगण में
बुध्दमय छाया में बसते जाना ...
जलधारा विवाद शाक्य राज में
राजपाट सिध्दार्थ का छोड जाना
औदुंबर गोद की उस छाया में
ज्ञान बोध का प्र-पादान हो जाना ...
शरीर मन के एकाग्र भाव में
सुजाता ने खीर दान कर जाना
कठोरमय उस महा ध्यान में
गया के ओर बुध्द का बढ जाना ...
पिपल वृक्ष की सु-बुध्द छाया में
गया ग्राम का बुध्दगया हो जाना
तथागत के बोधिवृक्ष धारा में
सिध्दार्थ ने बुध्दत्व ज्ञान पा जाना ...
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