Monday, 12 October 2026

 ✍️ *दीक्षाभुमी मोफत रोग निदान शिबिर विधायक - माजी मंत्री डाँ. नितिन राऊत इसके मसन्याउद राजनीति कारणवश इस साल दो भागों मे विभाजीत ! नितिन राऊत भोजनदान नाम पर दीक्षाभुमी परिसर में भिकारवाडा प्रकार - पात्र गंदगी ना फैलायें !*

        *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* नागपुर १७

राष्ट्रिय अध्यक्ष, सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल

एक्स व्हिजिटींग प्रोफेसर, डॉ बी आर आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ, महु म.प्र.

एक्स मेडिकल आँफिसर एंड हाऊस सर्जन

बुध्द आंबेडकरी लेखक, कवि, समिक्षक, चिंतक

अध्यक्ष - आयोजक, जागतिक बौध्द परिषद (नागपुर) वर्ष २००६, २०१३, २०१४, २०१५

आंतरराष्ट्रिय परिषदों के संशोधन पेपर परिक्षक

मो.न. ९३७०९८४१३८, ९८९०५८६८२२


          धम्म चक्र प्रवर्तन दिन के उपलक्ष में दीक्षाभुमी चौक स्थित संत चोखामेला परिसर मे आयोजीत *"मोफत रोग निदान शिबिर"* को, *"५० साल के उपर* कालावधी का इतिहास है. सदर रोग निदान शिबिर की बुनियाद में, हम तिन डाँक्टर्स *डाँ. हरीश भिवगडे / डाँ. के. एस. उमरे / डाँ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* इसके प्रमुख सुत्रधार थे. सदर शिबिर आयोजन श्री आयुर्वेद काँलेज सलग्न *"डाँ. आंबेडकर आयुर्वेदिक मेडिकोज असोशिएशन"* द्वारा चोखामेला होस्टेल परिसर में  हमारा वह पहला शिबिर रहा था. वही शासकिय मेडिकल काँलेज / इंदिरा गांधी मेडिकल काँलेज सलग्न *"डाँ. आंबेडकर मेडिकोज असोसिएशन"* द्वारा दीक्षाभुमी परिसर - भिक्खु निवास के सामने मेन रोड पर शिबिर हुआ करता था. पिछले २० - २५ साल पहले मेडिकल काँलेज का शिबिर का हमारे चोखामेला परिसर में आयोजन होने के बाद *"चोखामेला परीसर - हेल्थ झोन"* रुप में परिचीत हो गया. तथा ९ - १० साल पहले *"सिव्हिल राईटस प्रोटेक्शन सेल - जीवक वेलफेयर सोसायटी - अश्वघोष बुध्दीस्ट फाऊंडेशन का संयुक्त उपक्रम / शासकिय आयुर्वेद काँलेज / डेंटल काँलेज / होमीओपँथी काँलेज / डाँ. बी आर आँबेडकर डाक्टर्स असोसिएशन"* आदि की भर होने से, हमने लगाया वह वृक्ष बहरते हुये हमे नजर आया. परंतु उत्तर नागपुर विधायक - मंत्री रहा *डाँ. नितिन राऊत* महाशय ने, *"मसन्याऊद राजनीति"* खेलकर हम डाँक्टर वर्ग टीम को चोखामेला परिसर से भगाने की चेष्टा की. जब की नितिन राऊत का भोजनदान *"अंध विद्यालय* शासकिय आय टी आय के सामने हुआ करता था. मुझे (डाँ. जीवने) हमारे मेडिकोज द्वारा चोखामेला परिसर से हटाने की सुचना मिलने पर, मै ५० - ६० डाँक्टर वर्ग को लेकर तत्कालिन समाज कल्याण विभाग उपायुक्त *डाँ. सिध्दार्थ गायकवाड* इसको दो खडे सुनाने के बाद, हमारा *"मेडिकल झोन"* दो भागोँ में विभाजीत हुआ. चोखामेला आधे परिसर में भोजनदान / आधे परिसर में मेडिकल कँम्प. नितिन राऊत प्रणित *"संकल्प"* संघटन द्वारा सन्मानजनक भोजनदान व्यवस्था नही की जाती थी / है. रास्ते पर पात्र में भोजन देने से *"श्रध्दालु वर्ग"* मेन रास्तों पर ही खाना खाने बैठ जाते थे. तो कभी भोजन पात्र लेकर इधर उधर घुमते फिरते थे. हमारे मेडिकल शिबिर मे भी भोजन पात्र लाकर खाना खाते थे. खाना पात्र हमारे शिबिर में फेकर / रास्तों में फेकर *"दीक्षाभुमी परिसर में गंदगी"* फैलाते थे. इस कारणवश हमे रोगी की जाँच करना / हमारे एंबुलंस का हमारे शिबिर परिसर में आना कठिण हो गया. परंतु निर्लज्ज - बेशरम मानसिकतावादी नितिन राऊत को इसका क्या ? शायद नितिन राऊत के *"पिताजी मिल मजुर"* होने के कारण नितीन राऊत को *"भिकारवाडा संस्कार"* परिवार से मिला हो तो, वह नितिन राऊत का व्यक्तिगत विषय है. वह हमारा विषय नही है. बाबासाहेब डाँ. आंबेडकर इन्होने तो हमे *"स्वाभिमान"* शिक्षा दी है. अत: नितिन राऊत यह समाज को *"भिकारवाडा प्रकार - दीक्षाभुमी गंदगी"* प्रकार ना सिखायें. नितिन राऊत को भिकारवाडा बनने का शौक हो तो, *"नितिन राऊत स्वयं अपने हाथ में भोजनपात्र लेकर रास्तों पर घुमें !* जिसको नितिन राऊत को भोजनपात्र लेकर घुमना अच्छा लगे तो, वे नितिन राऊत का स्वागत करे !!!

          इस साल के धम्म चक्र प्रवर्तन दिन के अवसर पर विधायक *डाँ. नितिन राऊत* द्वारा चोखामेला होस्टेल परिसर की आधे जमिन अतिक्रमण कारण हमारे समस्त *"डाँक्टर वर्ग को जगह ही कमी"* होने के कारण, हम डाँक्टर वर्ग *नितिन राऊत* के समान निर्लज्ज - बेशरम नही है. अत: कुछ डाँक्टर वर्गयश ये *"चोखामेला होस्टेल परिसर"* में, तो कुछ डाँक्टर वर्ग ये *"माता कचेरी परिसर"* में इस साल *"मुफ्त रोग निदान शिबिर"*:का आयोजन करने जा रहा है. *मैं स्वयं* सदर पर्यायी मेडिकल व्यवस्था को करने हेतु *"आरोग्य उपसंचालक डाँ. शंभरकर"* इनसे चर्चा कर चुका हुँ. अगले साल *डाँ. नितिन राऊत* तथा *"दो माह"* पहले शासन विभिन्न विभाग में *"मेरी शिकायत"* करने के उपरांत भी, अगर शासन विभाग *डाँ. नितिन राऊत* समान निर्लज्ज - बेशरम हुआ तो, अगले साल *"मै स्वयं उच्च न्यायालय"* मे याचिका दायर करुंगा. यह बात महाराष्ट्र शासन तथा डाँ. नितिन राऊत भी अच्छे से नोट करे. आज *सोमवार दिनांक १२ अक्तुबर २०२६* को समाज कल्याण उपायुक्त *श्री कुलकर्णी* / सहा. आयुक्त *सुकेशिनी तेलगोटे* इनके साध मेरे ही (*डाँ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*) नेतृत्व में मेरी *"सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल"* इस राष्ट्रीय संघटन के *सीमा बोधनकर / डाँ. अभिजीत बरुआ / डाँ. अमित नाईक / डाँ. राजेश नंदेश्वर / सुमिता झा / ज्युली चार्ली / बेला मरियम / राजेंद्र घोरपडे* / डाँ. बी आर आंबेडकर डाक्टर्स असोशिएशन के *डाँ. संजय मेश्राम / डाँ. विनोद गंभिर / डाँ. मच्छिंद्र चोरमारे / डाँ. अनिल पाटील / डाँ. अजय मसाने / डाँ. कुलदिप डोंगरे / डाँ. राजु कोसे* / शासकिय आयुर्वेद काँलेज सलग्न डाँ. आंबेडकर आयुर्वेदिक मेडिकोज असोशिएशन के *डाँ. सुशिल चवरे / डाँ. शील गाडले / डाँ. वाय एम. कुमक / डाँ. मिथिलेश मोहरे / डाँ. गोविंद नाईक / डाँ. अक्षय नागरवाडे* / श्री आयुर्वेद काँलेज सलग्न डाँ. आंबेडकर आयुर्वेदिक मेडिकोज असोशिएशन के *डाँ. शिल्पा वराडे / डाँ. रचना रामटेके / डाँ. वृशाली दाडके* आदि प्रतिनिधि मंडल सें चर्चा की गयी. तथा हमारे एकसंघ शक्ति प्रदर्शन का प्रभाव होकर *"संत चोखामेला होस्टेल परिसर"* का कुछ भाग की व्यवस्था करने का आश्वासन समाज कल्याण विभाग द्वारा दिया गया. बेशरम - निर्लज्ज विधायक *नितिन राऊत* इसकी *"मसन्याऊद राजनीति"* पर असर होगा या नही ? नितिन राऊत अगले साल *"सन्मानजनक"* भोजन व्यवस्था करने हेतु *"कुर्वेज न्यु माँडेल परिसर"*:में संकल्प का भोजनदान *"स्थानांतरण"* करता है या नही ? या हम डाँक्टर वर्ग  को *"पिछले पाच सालों"* से हो रही परेशानी भी पुर्ववत होगी या मुझे *"उच्च न्यायालय"* जाने बाध्य होना होगा ? यह वक्त ही बतायेगा. वैसे हरिजन विधायक *डाँ. नितिन राऊत* इसका इतिहास उत्तर  नागपुर *"रिपब्लिकन गड"* तोडने का भी रहा है. कमाल चौक स्थित *"डाँ. आंबेडकर सभगृह"* तोडकर भाजपा  के सांसद - केंद्रीय मंत्री *डाँ. नितिन गडकरी* इसके माँ के नाम अस्पताल बनाने में छुपी भुमिका रही है. कमाल चौक - गोलिबार चौक ओव्हर ब्रीज का नामकरण *"हम युवा वर्ग नेताओ"* ने तत्कालिन उपमहापौर / हमारे मित्र *धिरेंद्र चहांदे* इनके हाथो *"डाँ. आंबेडकर ओव्हर ब्रीज"*:किया था. आज वह पुराना ब्रीज तोडकर *"कमाल चौक - दिघोरी चौक"* ओव्हर ब्रीज का नामकरण देश विघातक संघवादी *डाँ केशव हेडगेवार"* इनके नाम होने पर, *नितिन राऊत* तो, किस गली में छुप गया, पता ही नही चला. नितिन राऊत का आका / कांग्रेस राजकुमार *राहुल गांधी*:ये भारतीय संविधान अनुच्छेद १ अनुसार *"इंडिया - भारत"* यह ना कहते हुये *"हिंदुस्तान"* अर्थात *"निच लोगों का देश / चोरो का देश"* कहता है. क्या करे राहुल गांधी की खानदान ये *"चोरो की या निच"* हो. शायद नितिन राऊत भी उसी वर्ग से संबधित हो, यह आज हमें पता नही. परंतु नितिन राऊत इसकी हरकते *"दीक्षाभुमी गंदगी शिल्पकार / दीक्षाभुमी भिकारवाडा जनक"* दिखाई देती है. हम नितिन राऊत के विचार परिवर्तन की आशा करते है.


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▪️*डाँ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*

      नागपुर दिनांक १२ अक्तुबर २०२६

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