Saturday, 10 October 2026

 👺 *दीक्षाभुमी चोखामेला होस्टेल परिसर से डाँक्टरों का मुफ्त मेडिकल रोग निदान शिबिर को हटाने - दीक्षाभुमी भोजनदान भिकारवाडा - गंदगी शिल्पकार डाँ. नितिन राऊत (Ex मंत्री) की मसन्याउद राजनीति !*

       *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'* नागपुर १७

राष्ट्रिय अध्यक्ष, सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल

एक्स व्हिजिटींग प्रोफेसर, डॉ बी आर आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ, महु म.प्र.

एक्स मेडिकल आँफिसर एंड हाऊस सर्जन

बुध्द आंबेडकरी लेखक, कवि, समिक्षक, चिंतक

अध्यक्ष - आयोजक, जागतिक बौध्द परिषद (नागपुर) वर्ष २००६, २०१३, २०१४, २०१५

आंतरराष्ट्रिय परिषदों के संशोधन पेपर परिक्षक

मो.न. ९३७०९८४१३८, ९८९०५८६८२२


          दीक्षाभुमी चौक संत चोखामेला होस्टेल परिसर में आज से *"५० साल पहले"* हम तिन डाक्टर्स - *डाँ. हरिश भिवगडे / डाँ. के. एस. उमरे / डाँ. मिलिन्द जीवने"* इन्होने धम्म चक्र प्रवर्तन दिन पर आनेवालें श्रध्दालु वर्ग के लिए *"मुफ्त रोग निदान शिबिर"* की बुनियाद रखी थी. तब हम केवल तिन डाँक्टर्स *"डाँ. आंबेडकर आयुर्वेदिक मेडिकोज असोशिएशन"* इसके प्रमुख सुत्रधार थे. और सदर शिबिर के लिए इकठ्ठा की गयी दवाईयांँ *"मेरे घर"* ही रखी थी. मुफ्त रोग निदान शिबिर की वह बुनियाद हम *"श्री आयुर्वेद काँलेज"* के तिन डाँक्टरों ने रचने के बाद, *"शासकीय आयुर्वेद काँलेज"*  के कुछ डाँक्टर्स वर्ग भी हमारे साथ जुड गये. और हमारे साथ फिर *"डाँ. माया कांबले / डाँ. इंदिरा सोमकुवर / डाँ. मंगला बनसोड"* रहा करती थी. *"शासकिय मेडिकल काँलेज / इंदिरा गांधी मेडिकल काँलेज"* के डाँ. आबेडकर मेडिकोज असोशिएशन का शिबिर दीक्षाभुमी स्थित भिक्खु निवास के सामने *"प्रमुख रोड"* पर हुआ करता था. चोखामेला होस्टेल परिसर में केवल हम डाँक्टर्स वर्ग का केवल *"अकेला मेडिकल शिबिर"* हुआ करता था. बाद में १० - १५ वर्षो बाद हमारे चोखामेला परिसर में *"शासकिय मेडिकल काँलेज / इंदिरा मेडिकल काँलेज / शासकिय आयुर्वेदीक काँलेज"* डाँक्टर्स वर्ग नें, अपने अपने काँलेज के कँम्प लगाना शुरु किया. और पिछले ८ - ९ सालों से *"सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल - जीवक वेलफेअर सोसायटी - अश्वघोष बुध्दीस्ट फाऊंडेशन का संयुक्त शिबिर / डेंटल काँलेज / होमिओपँथी काँलेज / डाँ. आंबेंडकर डाँक्टर्स असोसिएशन"* इन्होने भी अपनी आरोग्य सेवाएँ देना शुरु की. पहले डेटल काँलेज शिबिर का उदघाटन *"मेरे हस्ते"* ही किया गया था. डेंटल को जगह मिलानें में मेरी थोडी मदत भी रही थी. अर्थात संत चोखामेला होस्टल परिसर यह *"मेडिकल झोन"* रुप में परिचीत है. माजी मंत्री / विधायक *डाँ. नितिन राऊत"* सलग्न संकंल्प संघटना *"भोजनदान - अंध विद्यालय"* (शासकिय आय टी आय आगे) में २० - २५ साल पहले शुरु किया गया. परंतु पिछले ४ - ५ साल पहले *डाँ. नितिन राऊत"* इसके मंत्री पद काल में, हमारे डाँक्टर्स लोगों को *"चोखामेला परिसर से हटाने की चेष्टा"* की. तब हमारे तमाम डाँक्टर्स वर्ग का *"मुझे फोन"* आया कि, *"मंत्री - डाँ. नितिन राऊत"* इन्होने अपने डाँक्टर्स वर्ग को वहाँ से हटा दिया है. अर्थात मंत्री - नितिन राऊत ये *"मसन्याउद राजनीति"* खेल कर गया था. हमें वहां से हटाने में डाँ नितिन राऊत महाशय ने, तत्कालिन विभागीय समाज कल्याण आयुक्त *"डाँ. सिध्दार्थ गायकवाड"* इसकी मदत ली थी. *"मै स्वयं* तात्काल शिबिर घटना स्थल जाकर *"५० - ६० मेडिकोज डाँक्टर्स टीम"* लेकर, डाँ. सिध्दार्थ गायकवाड को कहाँ कि, *"आप ने हमारे पिछले ५० सालों से चल रहे मेडिकल झोन को ही हटाने की चेस्टा कैसे की ? डाँ नितिन राऊत ये भोमन जी है क्या? अगर आप ने हमारे मेडिकल शिबिर को हटाने की चेष्टा की तो, तुम्हारा समाज कल्याण विभाग में बैठना दुर्धर कर देंगे. "* हमारे तमाम डाँक्टर्स वर्ग के एकता ने रंग लाया. और वह परिसर *"संकल्प भोजनदान / डाँक्टर्स मेडिकल कँम्प"* दो भागों में विभाजीत हुआ. परंतु डाँ. नितिन राऊत प्रणित *"संकल्प भोजनदान"* के कारण हम डाँक्टर्स लोगों कों *"आरोग्य सेवा"* देना, बहुत ही कठिण हो गया. हमारी *"एम्बुलंस"* चोखामेला परिसर में प्रवेश नही कर पाती. नितिन राऊत के स्टाँल से *"हाथ मे भोजन पात्र"* लेकर  समस्त लोग *"मेन रोड"* पर ही खाना खाने बैठ जाते है. *"मेन रोड"* पर खाने की पत्रावली फेककर *"गंदगी"* करते है. तो कुछ लोग हमारे *"मेडिकल शिबिर कें स्टाल अंदर"* ही खाना खाने बैठ जाते है. खाना खाने के बाद *"खाने की पत्रावली"* हमारे मेडिकल स्टाल के बाहर फेक देते है. हो सकता है कि, *विधायक नितिन राऊत के पिताजी मिल मजुर होने के कारण, डाँ. नितिन राऊत को भिकारवाडा संस्कार उसके परिवार से ही मिले हो. यह डाँ. नितिन राऊत इसका खाजगी विषय है."* हमे डाँ. नितिन राऊत के खाजगी भिकारवाडा संस्कार पर कुछ भाष्य करना नही है. नितिन राऊत ने वह *"भिकारवाडा भोजन संस्कार"* यें आंबेडकरी समाज को देकर, *"डाँ. नितिन राऊत - दीक्षाभुमी भोजनदान भिकारवाडा / गंदगी शिल्पकार"* बन गया है. अर्थात नितिन राऊत के इस *"मसन्याउद राजनीति"* की चर्चा जोरों सें जहाँ वहाँ चल रही है. बाबासाहेब डाँ. आंबेडकर इन्होने हमे सन्मानपुर्व रहने स्वाभिमान मंत्र दिया है. *डाँ. नितिन राउत* ये हमारे समाज को, *"भिकारवाडा संस्कृति"* की ओर ले जा रहा है. इसका विरोध होना जरुरी है.

         *"भोजनदान"* यह पवित्र कार्य है. बुध्द धर्म में *"दान पारमिता"* को सर्वोच्च माना गया है. परंतु भोजनदान करते समय *"भिकारवाडा संस्कृति"* की ओर ना जाते हुये, भोजनदान *"सन्मानपुर्वक"* करना बहुत जरुरी है. विधायक नितिन राउत के संकल्प से जुडे हुये *"पिलांटु"* भोजन पात्र पर भोजन देते समय, आंबेडकर समाज को *"भिकारी समान व्यवहार"* करते हुये हमे दिखाई दिये है. ऐसा भी नही कि, नितिन राऊत ये *"भोजनदान"* अपने स्वयं के पैसे से कर रहा है. बल्की समाज से ही *'धान्य / पैसा"* इकठ्ठा कर भोजनदान करवाता है. *"बचे हुये अनाज आदि वस्तुओं"* का क्या किया जाता है ? हम इस विषय पर चर्चा नही कर रहे है. भोजनदान सन्मानपुर्वक कराना जरुरी है. किसी अन्य *"डाँक्टर्स संघटन"* को कष्ट ना हो, इसकी भी केयर करना जरुरी है. *"सिव्हिल राईट्स प्रोटेक्शन सेल"* संघटन द्वारा शासन / संबंधित सभी विभागों को *"डाँ. नितिन राऊत - भोजनदान की लिखित शिकायत"* करते हुये *"न्यु कुर्वेझ माँडल हायस्कुल परिसर"* मे समस्त संघटनो का *"भोजनदान - फुड झोन"* कराने का हम ने सुझाव दिया. परंतु नितिन राऊत की मानसिकता *"निर्लज्ज - बेशरम"* रही है. जमिन हडपना आदि कृत्य नितिन राऊत का इतिहास है. भोजनदान देते समय *"भोजन टेबल लगाना / पिने की पाणी - हाथ धोने के लिए पाणी की व्यवस्था / भोजनपात्र फेकने डस्टबिन व्यवस्था"*:आदी होना जरूरी है. शायद यह व्यवस्था कराने की *"डाँ. नितिन राऊत की हैसियत है या नही? "* यह संशोधन का विषय है. हम इस पर चर्चा नही करेंगे. परतु हमारे *"मेडिकल स्टाँल को नितिन राऊत द्वारा गंदगी"* फैलाई जा रही है, हम यह कदापी सहन नही करेंगे. हमारी एम्बुलंस हमारे चोखामेला परिसर में आने में परेशानी हो रही है. अभी हमारे *"चोखामेला होस्टेल मेडिकल झोन"* परिसर को ५० सालों का इतिहास है. हम डाँक्सर्स वह जगह कदापी नही छोडेंगे. नितिन राऊत बाजु के *"कुर्वेज न्य माँडेल हायस्कुल मैदान"* में फुड झोन व्यवस्था कर सकता है. नितिन राऊत को संत चोखामेला परिसर - *"मेडिकल झोन"* की जगह छोडनी होंगी. अन्यथा हमारे तमाम *"डाँक्टर्स - मेडिकोज वर्ग"* इसके विरोध में "*समाज कल्याण कार्यालय"* को निवेदन देकर आंदोलन करेंगे. *"सोमवार दिनांक १२ अक्तुबर २०२६ को दोपहर ४. ०० बजे"* तमाम डाँक्टर्स - मेडिकोज पदाधिकारी *"समाज कल्याण उपायुक्त श्री कुलकर्णी"* इनसे मिलने इकठ्ठा हो, यह आवाहन किया जाता है. और चोखामेला परिसर में *"मेडिकल झोन स्टाँल"* लगाने के लिए तैयार होना है. नितिन राऊत यह नही समझे उसकी *"मसन्याउद राजनीति"* हम डाँक्टर्स वर्ग पर चलेगी. नितिन राऊत की मसन्याउद राजनीति ने कमाल चौक स्थित *"डाँ आंबेडकर सभागृह""* गिराकर / भाजपा खासदार - केंंद्रीय मंत्री *डाँ नितिन गडकरी* इनके माँ के नाम पर *"सार्वजनिक दवाखाना"* खोला गया, तब आंबेडकरी समाज खामोश था. *"कमाल चौक - गोलिबार चौक पुल"* का नामकरण हम युवा नेताओं ने, तत्कालीन उपमहापौर *धिरेंद्र चहांदे* इनके हस्ते ही *"डाँ. आंबेडकर ओव्हरब्रीज"* करने के उपरांत भी / वह पुराना पुल गिराने के बाद *"कमाल चौक - दिघोरी चौक स्थित ओव्हर ब्रीज"* इसका नामकरण देश विघातक संघवादी विचारी *"डाँ. केशव हेडगेवार ओव्हर ब्रीज"* करने के बाद भी, हरीजन - विधायक *डाँ. नितिन राऊत* किस बील में छुप गया है ? हमें कही दिखाई नही दिया. यह *बाबासाहाब डाँ. आंबेडकर* इनके नाम का अपमान है. नितिन राऊत का आका - *"राहुल गांधी* ये भारतीय संविधान *अनुच्छेद १* - देश का नाम *"भारत - इंडिया"* होने पर भी, *"हिंदुस्तान"* - अस्तित्वहिन देश / *निच लोगों का देश,* कहता है. शायद *राहुल गांधी* ये निच परिवार से जुडा हो, हमे इस पर कुछ नही कहना. नितिन राऊत इसके *"समाज विघातक"* कार्यों की लंबी यादी हमारे पास मौजुद है. आज हम उस विषय पर चर्चा नही करना चाहते. *डाँ. नितिन राऊत* इसने हम डाँक्टर वर्ग से उलझने की चेष्टा ना करे. *"आंबेडकरी डाँक्टर वर्ग"* जब उठ खडा होता है, तब जमिन हिलने लगती है. नितिन राऊत इस संदर्भ को ध्यान रखे तो ही बेहतर है....!!!


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▪️*डाँ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*

     नागपुर दिनांक १० अक्तुबर २०२६

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