Tuesday, 27 January 2026

 👌*बुद्ध प्रेम चित्र कविता !*

        (बुद्ध साहित्य में प्रेम)

      *डॉ मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*

       मो. न. ९३७०९८४१३८


यशोधरा सिध्दार्थ का वो प्रेम है 

प्रेम में करुणा एवं वात्सल्य था 

सच्ची मैत्री विश्वास से भरी थी 

सन्मान में पावन निष्ठा रही थी...


सावित्री भी ज्योतिबा का प्रेम है 

वे हमेशा मिशन में साथ साथ रहें 

आधार जाने पर सावित्री शांत थी 

वो हमें तो मिशन का फल दे गयी...


रमाई भीम बाबा का सच्चा प्रेम है 

प्रेम में त्याग भी था और निष्ठा भी

रमाई की वो कुर्बानी में समर्पन था 

बाबा का उर्जा स्त्रोत भी रमाई थी...


प्रेम को पाना इतना सहज नहीं 

वहा मैत्री करुणा विश्वास वास हो

सच्चे समर्पन की भी वो निष्ठा हो 

नहीं तो ठोकर देनेवाले बहुत रहे है...


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नागपुर दिनांक २७ जनवरी २०२६

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