👌 *मेरी बुद्ध चित्र कविता !*
*डॉ मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*
मो. न. ९३७०९८४१३८
प्राचिन सिंधु घाटी सभ्यता
भारत का पहिला बुद्ध
ताण्हंनकर बुद्ध का अस्तित्व
हमें बयाण कर रही है
सिंधु घाटी सभ्यता में
बुध्द भिक्खु की मुर्ती मिलना
बुध्द स्तुपों का होना
बुद्ध विहार का भी मिलना
प्रथम बुध्द से चलते आयी
वह बुध्द की परंपरा
सुकिती अर्थात सिध्दार्थ बुद्ध तक
निरंतर चलते आ रही है
और अतित ही मेरा प्यार है
पिपरवा के उत्खनन ने
बहुमुल्य रत्नों के साथ साथ
बुध्द अस्थी धातु का मिलना
वह सिध्दार्थ बुद्ध जन्म इतिहास
समुचे विश्व को बता रहा है
क्या भारत का पिपरवा ही
बुध्द की असली कपिलवस्तु है
या नेपाल क्षेत्र की कपिलवस्तु ?
क्या ऐसा भी तो नहीं
सिध्दार्थ का समुचा कपिलवस्तु
नेपाल से उत्तरीं भारत तक
वह विस्तारीत रही हो
इस पर विद्वानों में मतभेद भी है
परंतु प्राचिन जंबुद्विप का
समुचा बुद्ध इतिहास ही
हमें दस्तक दे रहा है
प्राचिन पिपरवा बुद्ध धरोहर
आज हमें बुला रही है....
-----------------------------------
नागपुर दिनांक १७ जनवरी २०२६
No comments:
Post a Comment