Wednesday, 30 May 2018

🔮 *तुटा मै वो एक शिशा हुँ ....!*
            *डॉ. मिलिन्द जीवने 'शाक्य'*
             मो.न. ९३७०९८४१३८

तुटा मै वो एक शिशा हुँ
बुध्द भीम गीत गाता हुँ ...

कोई साथ मिला ना सारा
दु:ख का वह मै साथी हुँ
आसुँ पिकर आती धारा
दर्द गीत लिख जाता हुँ ...

सुख भाव दिखा ना वारा
अपने धुंद में जीता हुँ
चिंता क्या करे मन धारा
पंछी बने उड जाता हुँ ...

कौन मेरा ना ही दुजारा
दिन का राग सुनाता हुँ
मंजिल धुंडे जाता मारा
चल अकेला रो जाता हुँ ...

* * * * * * * * * * * * * *

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